शिरोमणि अकाली दल के खरड़ हलका इंचार्ज रविंदर सिंह खेड़ा के नेतृत्व में निकाली जा रही "बोलेगा खरड़, बदलेगा खरड़" पदयात्रा शनिवार को अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गई। यह पदयात्रा घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें दर्ज करने का अभियान जारी रखे हुए है। शनिवार की पदयात्रा ने वार्ड नंबर 9 और 10 को कवर किया। इसकी शुरुआत गुरुद्वारा साहिब, सनी एन्क्लेव, सेक्टर-125 से हुई और यह सनी क्लब, 6-राहा चौक, सनातन धर्म मंदिर, शहीद भगत सिंह मार्केट, वेरका बूथ, सनी एन्क्लेव पुलिस चौकी तथा क्षेत्र की पानी की टंकी से होते हुए देर शाम सनी एन्क्लेव के मुख्य द्वार पर समाप्त हुई।
सभा को संबोधित करते हुए खेड़ा ने मौजूदा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान के उस दावे पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने कहा था कि खरड़ के विकास पर ₹1,000 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं और इस पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई जाएगी। खेड़ा ने आरोप लगाया कि खरड़ नगर परिषद के पास ₹500 से ₹700 करोड़ का कोष मौजूद है, जो करदाताओं का पैसा है और इसे स्वच्छ पेयजल, सफाई, सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था के रखरखाव तथा सड़कों की मरम्मत जैसी बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए।
खेड़ा ने कहा कि पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद सरकार इसे जनता के हित में खर्च नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 8 के निवासियों ने उन्हें ऐसे ज्ञापन दिखाए, जो एसडीएम, विधायक, सांसद और विभिन्न सरकारी विभागों को कई बार सौंपे गए थे, लेकिन किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।वार्ड नंबर 9 और 10 की एक अन्य समस्या का उल्लेख करते हुए खेड़ा ने कहा कि इन सेक्टरों का निर्माण करने वाला निजी बिल्डर कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल में है।
उन्होंने कहा कि जब कोई निजी बिल्डर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने में विफल रहता है तो बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है। लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके कारण लोगों को सड़कों की मरम्मत और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर अपनी जेब से लगभग ₹50,000 प्रति व्यक्ति खर्च करने पड़ रहे हैं।खेड़ा ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या भी उठाई और आरोप लगाया कि कई बुजुर्ग तथा बच्चे कुत्तों के काटने से घायल हो चुके हैं। उन्होंने इस संबंध में सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र की पानी की टंकी का उल्लेख करते हुए खेड़ा ने कहा कि नगर परिषद ने निवासियों को बताया कि टंकी की सफाई के लिए उसके पास कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं और लोगों को स्वयं मजदूरों की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले लोगों ने अपने खर्च पर मजदूर लगाकर टंकी की सफाई करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक टंकी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
खेड़ा ने दोहराया कि इस पदयात्रा का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए प्रशासन पर जनदबाव बनाना है। पदयात्रा के दौरान हरबंस सिंह सिद्धू, बलविंदर सिंह पटवारी (शहरी प्रधान), हरसिमरन सिंह बिन्नी, अमन शर्मा, मिंटा खरड़, सुखविंदर सिंह गोल्डी और बलकार सिंह बब्बू सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।