शिरोमणि अकाली दल के खरड़ हलका इंचार्ज रविंदर सिंह खेड़ा ने शुक्रवार को अपनी "बोलेगा खरड़, बदलेगा खरड़" पदयात्रा के छठे दिन वार्ड नंबर 4 के निवासियों से जुड़ी एक गंभीर नागरिक समस्या को उजागर करते हुए कहा कि प्रशासन को हरकत में लाने के लिए लगातार जनदबाव बनाना पड़ा। खेड़ा ने कहा कि जब पदयात्रा वार्ड नंबर 4 में पहुंची तो स्थानीय लोगों ने एक गंभीर समस्या उनके सामने रखी। उन्होंने बताया कि पेयजल की लीक हुई पाइपलाइन के कारण सीवरेज का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा था, जिससे पूरी गली के लोगों का जीवन नारकीय बन गया था।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान यह मुद्दा उठाया गया और प्रशासन ने लोगों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए बिना किसी देरी के क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। खेड़ा ने कहा कि जब अगले दिन पदयात्रा उसी मार्ग से दोबारा गुजरी तो यह स्पष्ट हो गया कि लोगों की एकजुट आवाज और लगातार बने जनदबाव ने आखिरकार "सोई हुई" राज्य सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि जब जनता संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करती है, तो लापरवाह सरकार को भी काम करना पड़ता है।
शुक्रवार की पदयात्रा में युवा अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं घनौर हलका इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंझर भी शामिल हुए। दिन की पदयात्रा वार्ड नंबर 7 और 8 में स्थित रिलायंस फ्रेश, मुंडी खरड़ से शुरू होकर दशमेश एन्क्लेव, हरि एन्क्लेव, गुरुद्वारा संगतपुरा मुंडी खरड़, आदर्श नगर, सनी एन्क्लेव और झुग्गियां रोड से होती हुई देर शाम झुग्गियां गांव में समाप्त हुई।
सभा को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा कि झुग्गियां गांव में 12 एकड़ भूमि पर बनने वाला सामुदायिक केंद्र प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह भूमि गांव की ओर से जनकल्याण के लिए दी गई थी, लेकिन खरड़ नगर परिषद ने इस परियोजना को पूरा करने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई।इस अवसर पर सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा वादा किया गया "बदलाव" वास्तव में पंजाब के लोगों के साथ "बदला" साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 वर्षों से सेवा दे रहे लगभग 2,100 मनरेगा कर्मचारियों को पिछले 10 महीनों से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि अपने बकाया वेतन की मांग को लेकर खन्ना में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया तथा अब यदि वे सोमवार तक काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।झिंझर ने रविंदर सिंह खेड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पदयात्रा खरड़ के लोगों की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है और शिरोमणि अकाली दल उनकी मांगें पूरी होने तक उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।