लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पास आउट बैच के पांच विद्यार्थियों ने पहले से मौजूद टॉप-ब्रांड पुरानी कार को फिर से सही आकार और नवीनता में तैयार किया है।एलपीयू के इन विद्यार्थियों का मानना है कि 'सपने सच होते हैं अगर कोई इसे पाने के लिए संघर्ष करता है, इसीलिए उन्होंने पहले से मौजूद वाहन को फिर से तैयार करने के लिए एक परियोजना की कल्पना की।
विचार-मंथन और शोध कार्य के बाद, उन्होंने 'टाटा नैनो' को आधार वाहन के रूप में अंतिम रूप दिया। जैसा कि वे चाहते थे कि उनकी नई रचना डिजाइन में स्पोर्टियर हो; उन्होंने नैनो मॉडल का चयन पीछे के छोर पर स्थित इसके इंजन के लिए किया। इसके अलावा, यह मॉडल किफायती होने के साथ-साथ एक चुनौती भी था।
'टाटा नैनो' बेस पर 'रोल केज्ड चेसिस' के रूप में रीमॉडेलिंग समय के 4 महीनों में; विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन परियोजना में कई बदलाव परीक्षण और विश्लेषण किये गए । और इस तरह इसे वाहन और चालक की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया। बेहतरी के लिए टायरों को 145 मिमी चौड़ाई से 205 मिमी में बदला गया; और, वजन में कमी करके इसकी वल्ल परफॉरमेंस को बढ़ाया गया है। पुन: डिजाइन किया गया यह वाहन सौंदर्य की दृष्टि से मनभावन और संरचनात्मक रूप से मजबूत है।
एलपीयू के इन विद्यार्थियों का कहना है : “वास्तव में, ऑटोमोबाइल उद्योग में सुरक्षा और अनुकूलन दो महत्वपूर्ण कारक हैं, और चेसिस एक ऑटोमोबाइल की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। मौजूदा चेसिस डिजाइन पूरी तरह कार्यात्मक है, फिर भी इसे जरूरत के अनुसार और बेहतर बनाया जा सकता है। अध्ययन का मुख्य फोकस प्रदर्शन और कार्यक्षमता से समझौता किए बिना स्पोर्ट्स कूप रोल केज का एक नया डिजाइन बनाना रहा ।"
पुलकित राठौर, प्रताप चंद्र, लोकेश प्रधान, बिपिन कुमार और दिलीप गहलोत सहित पांच विद्यार्थियों की टीम को लगता है कि घातक कोविड -19 अवधि का यह उत्पादन अब विद्यार्थियों के अगले बैचों के लिए यूनिवर्सिटी में एक अध्ययन मॉडल के रूप में हमेशा मौजूद रहेगा। उनकी यह किसी भी दोषरहित रचनात्मक परियोजना अब विश्वविद्यालय के 'इनोवेशन स्टूडियो' में एक नवीनतम अध्ययन मॉडल है।
इस संदर्भ में एक प्रेरक समारोह के दौरान; एलपीयू की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मि मित्तल को इन विद्यार्थियों द्वारा री-मॉडल किए गए चेसिस की चाबियां सौंपी गईं। श्रीमती मित्तल ने विद्यार्थियों के निर्माण की सराहना की, और भविष्य में भी विश्वविद्यालय के समर्थन का आश्वासन देते हुए उन्हें मानदेय भी दिया। इस समारोह में डीन स्टूडेंट वेलफेयर विंग डॉ सौरभ लखनपाल, असिस्ट प्रोफेसर मनदीप सिंह (इनोवेशन स्टूडियो) और प्रोजेक्ट के मेंटर असिस्टेंट प्रो मिनेश वोहरा (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग) भी शामिल हुए।