प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव इतने आशंकित हैं कि वह ज्योतिषी और 'पूजा पाठ' पर विश्वास कर रहे हैं। यहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) प्रमुख पर निशाना साधा और टीआरएस व कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। मोदी ने केसीआर द्वारा किए जा रहे पूजा-पाठ पर तंज कसते हुए कहा, "मुख्यमंत्री असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें खुदपर विश्वास नहीं है। वह या तो ज्योतिष या पूजा-पाठ पर विश्वास कर रहे हैं या फिर नींबू-मिर्ची टांग रहे हैं।"मोदी ने अपने संबोधन में केसीआर पर 2014 में किए गए वादों को नहीं निभाने के लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीआरएस प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि अगर वह यहां के सभी घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचा पाएंगे तो वह वोट नहीं मांगेंगे। मोदी ने कहा, "क्या उन्होंने लोगों को गुमराह नहीं किया? क्या उन्हें इसके लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए? एक व्यक्ति जो पीने का पानी मुहैया नहीं करा पाया, उसे शासन करने की इजाजत नहीं देना चाहिए।"केसीआर पर तेलंगाना को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक नहीं है कि केसीआर ने अपना 'प्रशिक्षण' कांग्रेस से लिया है।
उन्होंने इसे 'कांग्रेस' से सीखा है, जिसने देश को बर्बाद करने में पीएचडी की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और टीआरएस दोनों परिवार-केंद्रित पार्टी है। दोनों वोटबैंक और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण में संलिप्त है। उन्होंने कहा कि केसीआर ने कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया था और एक व्यक्ति जिसने संप्रग का नमक खाया है, वह उसका विरोधी कभी नहीं हो सकता। मोदी ने कहा, "वह मैडम के रिमोट संचालित सरकार में थे और सत्ता का आनंद उठा रहे थे।"मोदी ने लोगों से कांग्रेस को वापसी नहीं करने देने की अपील की और कहा कि कोई भी राज्य उसे सत्ता से बाहर करने के बाद अपने यहां आने की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में लोग दूसरों पर भरोसा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस पर नहीं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोग आगे कुआं और पीछे खाई की स्थिति में फंस गए हैं। लोगों के पास केवल एक ही विकल्प भाजपा है, जो राज्य में परिवर्तन लाएगी।