Friday, 05 June 2026

 

 

खास खबरें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13वीं एनईएसएसी बैठक में भाग लिया अमिट यादें छोड़ गया सीचेवाल गांव का पांच दिवसीय खेल मेला संपन्न पंजाब सरकार की मुहिम ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ राज्य में नशों के खात्मे के लिए जन आंदोलन बनी : मोहिंदर भगत आग से प्रभावित इलाके में गैरकानूनी तरीके से चल रहे होटल और रेस्टोरेंट, जांच तेज : कपिल मिश्रा अमित शाह ने आज शिलांग में NEC की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए कार्य करें पदाधिकारी : नितिन नवीन 'आज की युवा पीढ़ी को जानना चाहिए 1991 का भारत', मनोज बाजपेयी ने बताई फिल्म 'गवर्नर' की खासियत संपूर्ण क्रांति के 52 साल : गांधी मैदान से जेपी की हुंकार ने बदली राजनीति की धारा मध्य प्रदेश में नैक की तर्ज पर गठित करें सैक : सीएम मोहन यादव भारत और ब्रिटेन भविष्य को ध्यान में रखकर आपसी फायदे वाली साझेदारी बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं : सुब्रह्मण्यम जयशंकर मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का लें सहयोग : सीएम मोहन यादव फ्रेंच ओपन : मीरा आंद्रीवा ने रोका मार्ता कोस्त्युक का विजयरथ, पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश इंटरनेशनल आईडीईए के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार ने भूटान की चुनाव आयुक्त से की मुलाकात समृद्ध महाराष्ट्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएं : सीएम देवेंद्र फडणवीस फ्रेंच ओपन : डाब्रोव्स्की-इवान किंग को मात देकर एरानी-वावसोरी ने जीता मिक्स्ड डबल्स खिताब श्रीलंका में बुजुर्गों के केयर सेंटर में लगी भीषण आग, 12 लोगों की मौत और कई घायल यवेट कूपर ने नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की डेल्सी रोड्रिगेज ने नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप का उद्घाटन किया सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की प्रदेश में सभी पात्र परिवारों को दी जाएगी आवास सुविधा : नायब सिंह सैनी

 

वर्ष 2030 तक इस्त्पात उत्पादन क्षमता 30 करोड़ टन करने का लक्ष्य : बिरेंद्र सिंह

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 25 Oct 2018

Last updated on: Oct 25, 2018, 00:00 IST

केंद्रीय इस्पात मंत्री बिरेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारतीय इस्पात उद्योग का लक्ष्य 2030 तक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 30 करोड़ टन सालाना करना है। इस्पात मंत्री यहां इंडियन स्टील एसोसिएशन और मैसे फ्रैंकफर्ट इंडिया द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 इस्पात उद्योग के लिए नई शुरुआत का वर्ष है, क्योंकि इस्पात क्षेत्र के विकास और कच्चे स्टील उत्पादन की क्षमता पर जोर देने के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल छह फीसदी ज्यादा उत्पादन दर्ज किया गया। सिंह ने कहा, "भारत जापान को पीछे छोड़ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन गया है। हमने 5.2 करोड़ टन कच्चे स्टील के उत्पादन के लक्ष्य को भी हासिल किया, जो पिछले साल की तुलना में छह फीसदी अधिक है। ऐसे में अब स्टील उद्योग को वैश्विक अवसरों और उपभोक्ताओं को आकर्षित करने वाले गुणवत्ता नवाचारों को शुरू करने की दिशा में अधिक सक्रिय बनना पड़ेगा। हमारे लिए यह एक महत्वपूर्ण चुनौती है, क्योंकि विश्व के शीर्ष इस्पात निर्माता भारत के इस्पात उद्योग को प्रभावित करने, उन्हें चुनौती देने और बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं।" दुनिया में स्टील का सबसे बड़ा उत्पादक चीन है। उसके बाद भारत का नंबर आता है। तीसरे स्थान पर जापान है। 

उन्होंने कहा, "भारतीय स्टील उद्योग का लक्ष्य 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 30 करोड़ टन पर लाना है।" बिरेंद्र सिंह ने इससे पहले 25-26 अक्टूबर तक चलने वाले दो दिवसीय 'आईएसए स्टील कॉन्क्लेव' का उद्घाटन किया। कॉन्क्लेव में सरकार और उद्योग-व्यापार जगत के 200 से ज्यादा प्रतिनिधि इस क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकजुट हुए हैं। इंडियन स्टील एसोसिएशन और मैसे फ्रैंकफर्ट इंडिया (एमएफआई) की ओर से आयोजित यह पहला आईएसए इंटरनेशनल स्टील कॉन्क्लेव है। कान्क्लेव में शामिल हुए जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने इस मौके पर कहा, "वर्ष 2030 के लिए इस्पात उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए श्रम और लौह अयस्क के माध्यम से भारत की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता की ताकत को कमजोर नहीं होने देना चाहिए।" वहीं, टाटा स्टील लिमिटेड के ग्लोबल सीईओ और प्रबंध निदेशक टी.वी. नरेंद्रन ने कहा, "सभी विकसित देशों के पास मजबूत उपकरण एवं निर्माण सेट-अप है, जिसे भारत में बनाने की भी आवश्यकता है। स्टील उद्योग को ऑटो सेक्टर से सीखने की भी जरूरत है जिसने पिछले 25 वर्षो में जबरदस्त पैमाने पर उत्पादकता हासिल की है। हमें उन क्षमताओं को बनाने या विकसित करने की जरूरत है, जो पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ हों। इन चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है, जिसके दम पर हम समावेशी विकास कर सकते हैं।"

 

Tags: Birender Singh

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD