डिप्टी कमिश्नर ईशा कालिया ने कहा कि लक्कड़ मंडी को सुचारु रुप से चलाने के लिए किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जिला मंडी बोर्ड अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी में लकड़ी बेचने आए किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। उन्होंने आढ़तियों को भी किसानों को सहयोग करने की अपील की।वे आज अपने कार्यालय में किसानों व आढ़तियों की समस्याएं सुन रही थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता है कि लक्कड़ मंडी सुचारु तरीके से चले जिसके लिए मंडी में आढ़ती व किसानों दोनों का सहयोग जरु री है। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट हिदायत देते हुए कहा कि किसानों से आढ़ती कोई आढ़त नहीं लेगा। उनके ध्यान में आया है कि कुछ आढ़ती किसानों से 4 प्रतिशत आढ़त लेते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने जिला मंडी अधिकारी को निर्देश दिया कि अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित आढ़ती को पहली बार कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और दूसरी बार ऐसा करने पर उसका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों का किसी भी तरीके से हनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड अधिकारी यह सुनिश्चित बनाएं कि मंडी में बोली सुबह पांच बजे से साढ़े 6 बजे तक हो और दोपहर एक बजे तक लक्कड़ मंडी खुली रहे।मंडी बोर्ड अधिकारी यह सुनिश्चि बनाएं कि बोली में पारदर्शिता बनी रहे। इसकी निगरानी के लिए प्रशासन की तरफ से रोज कोई न कोई अधिकारी सुबह मंडी का दौरा करेगा। उन्होंने आढ़तियों को कहा कि किसानों को उनकी अदायगी समय पर की जाए, किसानों को अदायगी के लिए किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर किसान अपनी लकड़ी मंडी में न बेचते हुए सडक़ पर बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को आदेश दिए कि अगर कोई सडक़ पर लकड़ी बेचता पाया जाए तो उसकी गाड़ी का चालान किया जाए।इस दौरान आढ़ती ऐसोसिएशन ने भी डिप्टी कमिश्नर को अपनी मांगों से अवगत करवाया। डिप्टी कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को पूरा किया जाएगा लेकिन वह भी विश्वास दिलाएं कि किसानों को मंडी में किसी तरह की कोई समस्या न आए। इस अवसर पर जिला मंडी अफसर तेजिंदर सिंह, नायब तहसीलदार लव धूत व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।