योजना एवं विकास राज्य मंत्री अजय नंदा ने आज सदन को बताया कि केन्द्र ने गत 5 वर्शो के दौरान सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के अंतर्गत 716.85 करोड़ रु मंजूर किये है जबकि योजना को राज्य की 11 सीमावर्ती जिलों के 44 ब्लाकों में लागू किया जा रहा है।सुरेन्द्र कुमार चौधरी के एक प्रष्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि बीएडीपी को मुख्य उददेष्य राज्य के संवेदनशील, दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।उत्तर में हस्तक्षेत्र करते हुए विधान परिशद के चेयरमैन हाजी अनायत अली ने सरकार से कहा कि बीएडीपी के अंतर्गत लेह और कारलिग के छूटे सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल किया जाये ताकि उनका विकास हो सके।मंत्री ने आष्वासन दिया कि छूटे हुए गंावों की पहचान कर कार्यक्रम में शामिल किया जायेगा।इसके उपरांत मंत्री ने कहा कि सम्बंधित उपायुक्त के नेतृत्व में एक जिला स्तर समिति की सिफारिशों पर कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यों को किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्बंधित समितियां मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली राज्य स्तरीय स्क्रनिंग समिति को रिपोर्ट पेश करती है जिन्हें स्वीकृति के लिए केन्द्र को भेजा जाता है।प्रदीप शर्मा के एक अनपूरक प्रष्न के उत्तर में मंत्री सदस्यों से पुंछ के योग्य गांवों की सूची पेश करने के लिए कहा तथा उन्होंने आष्वासन दिया कि इसे कार्यक्रम में शामिल किया जायेगा।