पंजाब सरकार ने राज्य के प्राईमरी ओैर अपर प्राईमरी सरकारी 20379 स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 19 लाख विद्यार्थियों को मिड-डे-मील स्कीम अधीन खाना उपलब्ध करवाने के लिए 275.81 लाख करोड़ रूपये उपलब्धक करवाए।इस बात की जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा एवं भाषा मंत्री स. सिकन्दर सिंह मलूका ने बताया कि पंजाब ने मिड-डे-मील में उत्तरी भारत में पहला स्थान प्राप्त किया जबकि पूरे भारत में दूसरा स्थान प्राप्त किया। स्कूली विद्यार्थियों को पोष्टिक, स्वादिष्ट एवं स्वच्छ दोपहर का खाना उपलब्ध करवाने के लिए राज्य में 40243 कुक रखे गये हैं और बच्चों को खाना खिलाने के लिए 8.60 करोड़ रूपये स्कूलों में बर्तनों के लिए खर्चे गये हैं।
मंत्री ने आगे बताया कि मिड-डे-मील योजना को सुचारू एवं प्रभावशाली ढंग से चलाने के लिए प्रत्येक जिले का डिप्टी कमिशनर इस योजना का चेयरमैन बनाया गया है ताकि प्रतिदिन खाने का स्तर, गुणवत्ता ओर पौष्टिकता मीनू अनुसार बच्चों को दी जाए।मंत्री ने जिला प्रशासन को जिला स्टीयर्निंग मोनीट्रिंग कमेटी की बैठक करने के लिए साथ जुड़ा ताकि मिड-डे-मील योजना की समय-समय पर समीक्षा हो सकें। मंत्री ने आगे बताया कि नवांशहर, मोगा, बठिंडा, संगरूर ओर मोहाली में शहरी व ग्रामीण स्कूलों के विद्यार्थियों को दोपहर का खाना गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है।सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दोपहर का खाना उपलब्ध करवाने के साथ साथ राज्य के प्राईमरी स्कलों के विद्यार्थियों का वर्ष में दो बार और अपर प्राईमरी बच्चों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य की जांच करवाई जाती है। उन्होंने आगे बताया कि सरकारी स्कूलों के प्राईमरी के विद्यार्थियों को पौष्टिक खाने में चार सौ पच्चास ग्राम कैलोरी और बारह ग्राम प्रोटीन दिया जाता है और अपर प्राईमरी के विद्यार्थियों को सात सौ कैलोरी एवं बीस ग्राम प्रोटीन दिया जाता है।