मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक और विकासात्मक एजेंडे को पूरा करने के लिए युवाओं से सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि जम्मू-कश्मीर में वर्तमान गठबंधन पूरी तरह से युवाओं के कल्याण और राज्य को कठिनाइयों से बाहर निकालने के लिए किया गया। आज श्रीनगर में युवाओं की एक बड़ी बैठक में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार बनाने का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के माध्यम से राज्य के युवाओं को एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना था। इस उद्देश्य के लिए दोनों पार्टियां (पीडीपी और भाजपा) एक साथ आए, हालांकि यह दोनों पार्टियों के लिए एक बहुत मुश्किल निर्णय था और सत्ता के कई अन्य आसान विकल्प भी उपलब्ध थे।महबूबा मुफ्ती ने युवाओं से राज्य में शांति बनाए रखने में मदद करके एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए कहा ताकि उनकी सरकार राज्य में विकास और बातचीत के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सक्षम हो। उन्होंने अफसोस जताया कि राज्य में वार्ता प्रक्रिया पिछले दशक के दौरान अटक गई थी और राज्य के युवाओं को इस राजनीतिक अस्थिरता के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी।महबूबा मुफ्ती ने राज्य में शांति और सद्भाव सुनिश्चित करके युवाओ को अपनी भूमिका निभाने की बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती के अनुकूल माहौल बनाने को कहा क्योंकि, जम्मू और कश्मीर की स्थिति दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों पर प्रत्यक्ष रूप से असर डालती है।
उन्होंने कहा कि केवल राज्य में शांति ही राजनीतिक प्रक्रिया ह सुनिश्चित कर सकती है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।मुख्यमंत्री ने युवाओं से निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े रहने और आगामी पंचायत चुनावों में अच्छी संख्या में शामिल होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, जो किसी भी गैर-सामाजिक गतिविधि में गंभीरता से शामिल नहीं थे, के मामलों की समीक्षा करेगी और प्रभावित युवाओं के परिवारों को उचित पुनर्वास भी दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संतोषजनक है कि प्रधान मंत्री, नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान तक पहुंचने के लिए हाथ बढ़ाया। पहले अपने प्रधान मंत्री ने शपथ ग्रहण में और बाद में दिसंबर, 2015 में देश का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। हालांकि यह नई दिल्ली में पिछले शासन के दशक लंबे शासनकाल के दौरान ऐा नहीं किया जा सका था।उन्होंने कहा कि हालांकि इस प्रयास के तुरंत बाद कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण अंतिम परिणाम तक नहीं पहंचा जा सका, लेकिन वह उम्मीद कर रही है कि हम सामंजस्य और दोस्ती के रास्ते पर चलने में सक्षम होंगे जो दोनों देशों के लोगों के परम हित में है।बेरोजगारी को वर्तमान समय की एक बड़ी चुनौती बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पर्यटन और बागवानी के विकास में निवेशकों को आमंत्रित करके, राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने कहा कि वह राज्य के युवाओं की प्रतिभा और क्षमताओं के बारे में आश्वस्त हैं जिन्हें केवल एक अवसर चाहिए। विधायक एजाज अहमद मीर और यावर दिलावर मीर, सचिव जम्मू व कश्मीर राज्य खेल परिषद वाहीद उर रहमान पर्रा इस अवसर पर भी उपस्थित थे और सभा को संबोधित किया।