मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बेहतर स्तरीय बीजों को आवश्यक बताते हुए कहा कि कृशि उत्पादन में प्रति हैक्टर बढोतरी के लिए यह अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अच्छे बीजों के माध्यम से उत्पादन बढाने में सहायता मिलती है दुसरा किसानों की आर्थिक दशा का उत्थान भी होता है।सीमांत रेखा के साथ चिनौर फार्म के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्याप्त मात्रा में ब्रीडर उत्पादन, मान्यता प्राप्त बीजों की आधारशीला रखने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि विभिन्न स्तर के उत्पादनों से सब्जियों एवं आयल सील्ड आदि के बीजों का विस्तार करना अधिक महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक कृशि के प्रयोग नई तकनीक राज्य भर के किसानों के लिए समय की मांग है तथा आसानी से खाद, पौधारोपण सामान एवं बेहतर बीज उपलब्ध होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर के आर्थिक विकास के लिए कृशि एवं बागवानी सैक्टर अधिक महत्वपूर्ण है तथा बहुत सी जनसंख्या इस सैक्टर के माध्यम से अपनी जिविका चला रही है तथा साथ में इसके विकास एवं ग्रोथ पर विशेश ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृशि सैक्टर को अधिकतर टैक्स मुक्त किया है जिससे किसानों को विभिन्न स्तर की राहत मिल रही है। सीड मल्टीप्लेशन फार्मस की महत्ता पर श्री उमर ने राज्य में वर्तमान सीड फार्मो के विस्तार एवं मजबूती पर बल दिया तथा शिक्षित युवाओं को इस सैक्टर में अपनी जिविका चलाने के लिए कृशि सैक्टर को बढाने के लिए कहा।कृशि मंत्री श्री गुलाम हसन मीर, योजना एंव विकास मंत्री अजय सदोत्रा, कृशि राज्यमंत्री नजीर अहमद गुरेजी भी मुख्यमंत्री के साथ थे। उन्होंने सीड मल्टीप्लेशन फार्म की कार्यप्रणाली एवं बीजों के बारे में जानकारी ली। जम्मू संभाग में यह सीड मल्टीप्लेशन फार्म सबसे बडा है तथा यह 2586 हैक्टर भूमि पर फैला हुआ है जिसमें विभिन्न तरह के बीजों का उत्पादन किया जाता है।फार्म सम्बंधी परियोजना को लाभकारी एवं भविश्य हेतु बेहतर बनाने के लिए ड्रिलिंग, विकास एवं 25 सिंचाई टयूबवैल, ललयाल कल्वर्ट से बाबा चंगी तक सडक निर्माण मल्टीप्लेशन फार्म चिनौर की मजबूती एवं रेन गन इरिगेशन को तैयार कर नाबार्ड के अधीन सरकार को धनराशि हेतु भेजा जाएगा।