सभी योग्यताएं पूरी करने के बावजूद पिछले पांच साल से नौकरी के लिये संघर्ष करते आ रहे 'टैट पास बेरोजगार शिक्षकों को पुरजोर समर्थन देते हुये आम आदमी पार्टी (आप) ने इन किये जा रहे पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है। साथ ही बलपूर्वक मांग की कि इन योग्य शिक्षकों की नियुक्तियां जल्द से जल्द की जाएं, क्योंकि पंजाब के सरकारी स्कूल पहले ही अध्यापकों की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। बुधवार को 'आप द्वारा जारी बयान में पाटी के लीगल सैल के प्रधान हिम्मत सिंह शेरगिल ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए शिक्षक योग्यता टैसट (टैट) अनिवार्य किया हुआ है। लेकिन 22 हजार 'टैट शिक्षक आज भी बेरोजगार हैं और सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है, जबकि स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों का शिक्षा का स्तर बेहद नीचे चला गया है।शेरगिल ने आंकडों का हवाला देते हुये बताया कि पंजाब के शिक्षा विभाग में 40 हजार से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं। फिर भी बादल सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उधर 'टैट पास शिक्षक मजबूर होकर प्रतिदिन धरने, रोष प्रदर्शन और भूख हड़ताल करने को मजबूर हैं, जिनकी आवाज दबाने के लिये पंजाब सरकार लाठी का इस्तेमाल कर रही है। जो बेहद निंदनीय है।शेरगिल ने कहा कि इन योग्य शिक्षों की त्रास्दी यह है कि इनमें से बहुत सारे भर्ती की उम्र की सीमा को पार कर चुके हैं और बहुत सारे करने की कगार पर हैं।
शेरगिल ने कहा कि सरकार इन योग्य अध्यापकों पर शरीरक और मानसिक अत्याचार करने के साथ-साथ इनकी आर्थिक लूट भी कर चुकी है, क्योंकि बेरोजगार 'टैट पास शिक्षकों के संगठन के प्रधान रघुवीर सिंह ने दावा किया है कि प्रतिवर्ष 'टैट परीक्षा के नाम पर सरकार 60 करोड़ से ज्यादा राशि वसूल कर चुकी है।शेरगिल ने 'आप की तरफ से सभी शिक्षकों को भरोसा दिया है कि इनके हकों की लड़ाई के लिए आप हर कदम पर इनका साथ देगी और 2017 में 'आप की सरकार बनने पर इनकी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार होगा, क्योंकि पंजाब में दिल्ली सरकार वाला शिक्षा मॉडल लागू किया जाएगा। सरकारी स्कूलों की काया-कल्प की जाएगी और रिक्त पदों को पहल के आधार पर भरा जाएगा। शेरगिल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया है और शिक्षा के लिये कुल बजट का करीब 25 फीसदी हिस्सा आरक्षित किया है। जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है।