विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने राज्यसभा चुनाव के मतदान की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। इनेलो नेता ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के ब्यान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि जिस तरह से विवाद उठने के बाद प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया था, उसी तरह अब विवादों के चलते राज्यसभा चुनाव की वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे सबके सामने सार्वजनिक न कर सके तो कम से कम पत्रकारों, मौजूदा अथवा रिटायर्ड न्यायिक अधिकारियों या आईएएस अधिकारियों की एक कमेटी के समक्ष इस वीडियो को दिखाया जाए। अगर उस वीडियो में असीम गोयल व अन्य विधायकों के वोट डालने में लगे सामान्य समय में भारी अंतर, असीम का इस दौरान संदिग्ध आचरण व गडबडी साफ नजर न आ जाए तो वे राजनीति छोडऩे को भी तैयार है। पत्रकार सम्मेलन में इनेलो नेता आरएस चौधरी, बीडी ढालिया, रामसिंह बराड व प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।
इनेलो नेता ने कहा कि चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाने का अधिकार केवल निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद के पास है और वे अपने स्तर पर शिकायत दर्ज करवा रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी इस बारे में चुनाव आयोग को एक चि_ी लिखकर पूरी धांधली के बारे में जरूर अवगत करवाएगी। उन्होंने कहा कि अनिल विज हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री हैं इसलिए उन्हें राज्यसभा चुनाव की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करवानी चाहिए जिसमें सभी विधायकों के वोट डालने और निशान लगाने से लेकर वापसी तक का पूरा ब्यौरा हो और रिकॉर्डिंग बिना किसी काट छांट के दिखाई जाए, ताकि लोगों का प्रजातंत्र पर विश्वास बना रहे और साजिश रचने वाले षड्यंत्रकारियों को सामने लाया जा सके। इनेलो नेता ने कहा कि वोट डालते समय सिर्फ एक लाइन खिंचने पर औसतन 2 से 3 सेकंड लगते थे लेकिन जब आप बाकी विधायकों की तुलना में असीम का वीडियो देखोगे तो सब पता चल जाएगा की वहां कितना टाइम लगा और किस तरह से वहां छेड़छाड़ हो रही थी। उन्होंने कहा कि सुबह से विधान सभा में मौजूद असीम गोयल का सभी भाजपा व अन्य विधायकों के वोट डालने के बाद लंबे समय तक वोट डालने के लिए रूके रहना और कांग्रेस विधायकों से पहुंचने से ठीक पहले वहां जाकर वोट डालने के बहाने वहां काफी समय व्यतीत करना अपने आप सारे मामले को संदिग्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरी धांधली में भाजपा नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुलदीप शर्मा व करण सिंह दलाल की भी पूरी मिलीभुगत थी।
इनेलो नेता ने कहा कि अब तो बीके हरिप्रसाद के ब्यान से भी यह बात साफ हो गई है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव एजेंट को अपना वोट नहीं दिखाया क्योंकि खाली वोट भूपेंद्र सिंह हुड्डा का ही था, यह बात भी लगभग स्पष्ट हो चुकी है। इनेलो नेता ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस और भाजपा के कुछ नेता इस षड्यंत्र पर पर्दा डालने के लिए जानबूझकर भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं । इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस को इस बदनामी से कैसे बचाया जा सके इसलिए अब यह सब दिखावा किया जा रहा है । इनेलो नेता ने फिर दोहराया की असीम गोयल के बाद डाले गए लगातार 13 वोट रद्द हुए हैं और उसमें सीरियल नंबर 104 पर भूपेंद्र हुड्डा द्वारा डाले गए वोट का बैलट पेपर खाली था और उस पर कोई मार्क नहीं किया गया था। इनेलो नेता ने कहा कि असीम गोयल और करण सिंह दलाल इसलिए उनको टारगेट कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने इनकी पोल खोलने का काम किया है।
जाट आरक्षण के मामले में सरकार की नियत में शुरु से ही खोट था- अभय चौटाला
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जाट आरक्षण के मामले में सरकार की नियत में शुरु से ही खोट था इसीलिए अब यह मामला अदालत में अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार विधानसभा से पारित आरक्षण बिल पर तुरंत राज्यपाल की मोहर लगवा संसद में इसे 9वें अनुच्छेद में शामिल करवा दिया जाता तो मामला अदालती प्रकिया से बाहर हो जाता। इनेलो नेता ने कहा कि मेहम की रैली में मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया ब्यान लोगों को उकसाने वाला है। मेहम में सीएम ने कहा था कि अगर कोई अकड़ दिखाएगा तो हमारे पास फोर्स है हम निपटना जानते हैं । यह उत्तेजना पैदा करने और टकराव को बढ़ाने वाला बयान है। उन्होंने इस ब्यान को निंदनीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने ब्यान पर स्पष्टीकरण दें, लोगों से माफी मांगे और अपना वादा निभाते हुए आरक्षण देने का काम करें।
इनेलो नेता ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ निरंतर यह कहते हैं कि वे आरक्षण के पक्षधर हैं और आरक्षण को दिलाएंगे दूसरी तरफ ऐसे बयान देकर लोगों को उकसाने का काम किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इनेलो आरक्षण देने की पक्षधर रही है और जिन 5जातियों को पहले आरक्षण मिल गया था और भाजपा ने भी आरक्षण देने का वादा किया था उन पांचों जातियों को आरक्षण मिलना ही चाहिए। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री 15 जून को खाप नेताओं से जब मुलाकात करेंगे तो वह मामले की गंभीरता को समझते हुए इस मामले को हल करने और लोगों से किए वादे को पूरा करने का काम करें। इनेलो नेता ने कहा कि जब अदालत में जाट आरक्षण मुद्दे पर सुनवाई हो रही थी तो उस समय हरियाणा के महाअधिवक्ता वहीं मौजूद थे और वे अदालत से सरकार का पक्ष रखने का आग्रह करते हुए कुछ समय दिए जाने की मांग करते तो शायद आज स्थिति कुछ अलग होती।