कच्छाथीवु द्वीप में नए चर्च के निर्माण पर भारतीय मछुआरों से मशविरा करने के लिए केंद्र सरकार को चाहिए कि वह श्रीलंका को राजी करे। यह बात तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे.जयललिता ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कही है। जयललिता ने पत्र के जरिए मोदी को जानकारी दी कि श्रीलंका कच्छाथीवु में संत एंथनी के चर्च को गिरा कर नए चर्च के निर्माण की योजना बना रहा है। पत्र में जयललिता ने लिखा है, "श्रीलंका की यह ज्ञात पहल तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों के मछुआरों पर बड़ा प्रहार है, जो कई सदियों से नियमित रूप से इस चर्च में पूजा करने जाते हैं।" उन्होंने कहा, "प्रस्तावित चर्च के निर्माण पर मशविरा नहीं करने से मछुआरे काफी चिंतित हैं। इन मछुआरों में अधिकांश रोमन कैथोलिक मत के अनुयायी हैं।"
जयललिता ने कहा कि भारतीय मछुआरों की आशंकाओं के निराकरण के लिए भारत सरकार को इस उकसावे का तुरंत जवाब देना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तमिलनाडु के मछुआरों से मशविरा के लिए भारत सरकार को श्रीलंका सरकार को राजी करना चाहिए और इस संबंध में सभी प्रमुख संबद्ध पक्षों से विचार कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।कच्छाथीवु द्वीप कभी रामेश्वरम जिले का हिस्सा था। यह तमिलनाडु और श्रीलंका को बांटने वाले संकीर्ण पाक जलडमरूमध्य में स्थित है। यह 285 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। 1974 और 1976 में हुए समझौते के तहत यह द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया गया था।इस द्वीप के निकट सागर समुद्री जीवों से समृद्ध है, इसलिए भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों के बीच निरंतर संघर्ष होता है।