आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिये चुनावी घोषणापत्र तैयार करने के लिये यहां गुरु नानक ऑडोटॉरियम में आयोजित ‘बोलदा पंजाब’ कार्यक्रम में दावा किया गया है कि डेयरी फार्मिंग का धंधा पंजाब के किसानों की किस्मत चमका सकता है, जो कर्ज के भारी बोझ से बेबस होकर आत्महत्या कर रहे हैं। इतना ही नहीं श्वेत क्रांति का यह रास्ता पंजाब को गेहूं-धान के परंपरागत फसली चक्रव्यूह से भी निकाल सकता है। यह दावा आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और ‘बोलदा पंजाब’ टीम के मुखी कंवर संधू द्वारा किया गया। इस मौके उनके साथ पार्टी के किसान विंग के प्रधान कैप्टन गुरविंदर सिंह कंग और ‘बोलदा पंजाब’ टीम की सदस्य एवं महिला नेता चंद्रसुता डोगरा भी मंच पर उपस्थित थे।
‘बोलदा पंजाब’ तहत किसानों के साथ इस तीसरे संवाद में आज डेयरी फार्मिंग से जुड़े भारी संख्या में किसान पहुंचे हुये थे, जिन्होंने न केवल अपनी समस्याओं और चुनौतियों बल्कि उनके समाधान भी ‘बोलदा पंजाब’ टीम के साथ सांझा किये। पंजाब भर के दूध उत्पादक किसानों को मुखातिब होकर कंवर संधू ने भरोसा दिया कि उनके एक-एक सुझाव एवं समस्या को बेहद गंभीरता से लिया गया और यहीं ‘संवाद’ पार्टी के चुनावी घोषणापत्र का आधार बनेंगे।
इस मौके सहकारिता मुहिंम को डेयरी फार्मिंग के धंधे की रीढ़ करार दिया गया, जिसमें पंजाब के किसानों को कर्ज से मुक्ति देने की ताकत है। इस मौके ज्यादातर डेयरी फार्मर ने राज्य की अकाली-भाजपा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली और कहा कि राज्य सरकार ने डेयरी फार्मिंग के धंधे को सहयोग तो क्या करना था बल्कि बर्बाद करके रख दिया।कंवर संधू ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने उपरांत डेयरी फर्मिंग के लिये न केवल सहकारिता लहर को मजबूत किया जाएगा बल्कि श्वेत क्रांति के लिये विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत नीति तैयार की जाएगी, जिसके लिये आज की फीडबैक का अहम योगदान रहेगा।कंवर संधू ने कहा, ‘डेयरी फार्मिंग का धंधा न केवल पंजाब के खेतिहरों के लिये आय का एक सार्थक साधन है, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृति एवं विरासत से भी करीब से जुड़ा हुआ है। इसी कारण किसी को आर्शीवाद देने के लिये ‘दूध और पुत्र’ का संयुक्त जिक्र होता है।
बदकिस्मती के कारण अकालियों ने दूध में मिलावट और पंजाब के पुत्रों को नशे की दलदल में धकेल दिया।’कंवर संधू ने कहा कि दूध उत्पादन में जो कभी नंबर वन कहलाने वाला पंजाब आज चौथे नंबर पर पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि यहां उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों ने डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिये आसान ऋण सहित कई सारी सुविधाएं दी हुई हैं लेकिन पंजाब सरकार ने डेयरी फार्मिंग को हाशिये पर धकेल दिया है। नतीजन आज पंजाब का डेयरी फार्मिंग क्षेत्र अनगिनत चुनौतियों का सामना कर रहा है। कंवर संधू ने कहा कि 2017 में ‘आप’ की सरकार बनने उपरांत राज्य में वास्तव में डेयरी विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रोगैसिव डेयरी फार्मर हरिदंर सिंह ने कहा कि भले ही पंजाब डेयरी फार्मर एसोसिएशन अच्छा काम कर रही है लेकिन पंजाब सरकार के समर्थन की कमी और अति आधुनिक सुविधाओं से लैस बुनियादी ढांचे के अभाव में डेयरी फार्मिंग के धंधे का भविष्य अंधकार में चला गया है।
इस मौके गैर-कानूनी ढंग से चल रहे बुचडख़ानों और पुलिस द्वारा पैदा की जाती परेशानी भी एक बड़े मुद्दे के तौर पर उभरी। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पशुओं को इधर से उधर लेकर जाना बहुत बड़ी चुनौती है।इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाला सीमन, वेक्सीन, दवाएं और वेटरनरी क्लीनिक व विशेषज्ञ डॉक्टरों की जोरदार मांग उठी। इस अवसर पर गुरसेवक सिंह समेत दर्जानों दूध उत्पादकों ने अपनी अपनी समस्याएं और उनके समाधान के लिये सुझाव पेश किये। जबकि 300 से ज्यादा डेयरी फार्मर्स ने लिखित में अपने सुझाव पेश किये। इस अवसर पर कंवर संधू ने कहा कि ‘आप’ की सरकार बनने उपरांत पंजाब के स्कूलों में मिड डे मील के साथ दूध और पनीर को अनिवार्य किया जाएगा। जिससे न केवल बच्चों की सेहत में सुधार होगा बल्कि डेयरी फार्मिंग के धंधे को भी प्रोत्साहन मिलेगा।