विधान सभा अध्यक्ष, श्री बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि प्रदेश में सरकारी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ प्राईवेट शिक्षण संस्थानों द्वारा भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। विधान सभा अध्यक्ष मंगलवार को पालमपुर में प्रदेश के डीएवी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की कार्यशाला में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार और अधोसंरचना विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिक्ता है। उन्होंने कहा कि सरकार कुल बजट का लगभग 18 प्रतिशत, 3836 करोड़ रूपये शिक्षा पर व्यय कर रही है। उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम तथा ऐम्स में प्रवेश पाने वाले मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के सरकार 75000 की प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जा रही है।विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि सूचना, संचार एवं प्रौद्योगिकी स्कीम में प्र्रदेश के 618 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं और 837 उच्च पाठशालाओं में स्मार्ट क्लास रूम आरम्भ किये जा रहे हैं। जिससे वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा का पाठ्यक्रम कम्प्यूटर में उपलब्ध होगा और प्रोजेक्टर की सहायता से कक्षा में पर्दे पर प्रदर्शित किया जाएगा।उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, संस्कृति, रीति-रिवाजों और धार्मिक भावनाओं की भी शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि आज शिक्षा में वैज्ञानिक तथा नवीन शिक्षा पद्धति को अपने की जरूरत है। उन्होंने डीएवी प्रबंधन से प्रदेश के दुर्गम और पिछड़े क्षेत्रों में भी स्कूल और कॉलेज खोलनें का भी आग्रह किया।
इस अवसर पर डीएवी कॉलेज प्रबंधन कमेटी के प्रधान श्री पूनम सूरी, ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष करूण शर्मा, उपाध्यक्ष राजेन्द्र कौल, डॉ0 मदन मोहन, केसीसी के निदेशक संजीव राणा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष त्रिलोक चंद, संतोष कुमार, जिला कांग्रेस के प्रवक्ता अजय शर्मा, निशा शर्मा, रमेश मांगी, ऋषि राज सहित प्रधानाचार्य और अध्यापक उपस्थित रहे।