पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने श्री आंनदपुर साहिब -तलवंडी साबो -नांदेड़ को जोडऩे वाले गुरू गोबिंद सिंह मार्ग के 1786.12 कि.मी. हिस्से को शीघ्र राष्ट्रीय मार्ग घोषित करने के साथसाथ 1775 कि.मी. इस सड़क को प्राथमिकता के आधार पर चौमार्गीय बनाने की केन्द्रीय सड़कीय परिवहन और हाइवे मंत्री श्री नीतिन गडकरी को अपील की है।मुख्यमंत्री ने यह मामला श्री गडकरी के साथ आज सांय उनके सरकारी निवास स्थानपर हुई एक बैठक दौरान उठाया।विचारचर्चा दौरान स. बादल ने श्री गडकरी को बताया कि सिक्खों ने दसवें गुरू श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने अपने अंतिम सफर दौरान श्री आंनदपुर साहिब से तलवंडी साबो मार्ग पर गये थे और आगे वह इस मार्ग द्वारा महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब पहुंचे थे राज्य सरकार प्रसिद्ध इतिहास कारों और सिक्ख स्कालरों के साथ विचारविमर्श के बाद अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम द्वारा इस मार्ग पर 2007 और उसके बाद 2014 में सफर करने के बाद गुरू गोबिंद सिंह मार्ग के समूचे रूट को पहले ही अंतिम रूप दे दिया हे।
राष्ट्रीय मानचित्र पर श्री आंनदपुर साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो)उसके बाद तख्त श्री हजूर साहिब (नांदेड़)महाराष्ट्र तक इस मार्ग की कुल लम्बाई 3080 कि.मी. बनती है इसमें से 605 कि.मी. रास्ता पंजाब में है जबकि 1123 कि.मी. राजस्थान, 164 कि.मी. हरियाणा, 630 कि.मी. मध्यप्रदेश , 330 कि.मी. महाराष्ट्र, 18 कि.मी दिल्ली , 177 कि.मी उत्तरप्रदेश में पड़ता है।मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को बताया कि इस मार्ग के 1294.35 कि.मी. हिस्से को पहले ही राष्ट्रीय मार्ग घोषित किया गया हेै। उन्होने इस मार्ग का बचता 1786.12 कि.मी. हिस्सा भी राष्ट्रीय मार्ग घोषित करने का आग्रह किया है। इसी प्रकार इस मार्ग पर 1305 कि.मी. सड़क को पहले ही चार मार्गीय बना दिया गया है जबकि 1775 कि.मी. सड़क को चार मार्गीय बनाना अभी बाकी है।
विचारचर्चा को समेटते हुये श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री आश्वासन दिलाया कि वह शीघ्र ही अपने मंत्रालय और उन संबधित राज्यों के अधिकारियों की बैठक बुलाएगें। जिन सात राज्यों में से यह सड़क गुजरती है। श्री गडकरी ने कहा कि इस मार्ग की दिशा निर्धारित करने को अंतिम रूप दिये जाने के बाद इस पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।मुख्यमंत्री के साथ उनके विशेष प्रमुख सचिव श्री गगनदीप सिंह बराड़,अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्लयूडी एनएस कलसी , नैशनल हाइवेज अथारटी इंडिया के सदस्य श्री सतीश चंद्रा भी उपस्थित थे।