पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने यूरेनियम और अन्य भारी धातुओं के असितत्व के कारण पीने वाले पानी की समस्या के हल करने के लिए 226.82 करोड़ रूपये के ल िबत पड़े प्रोजैक्ट को शीघ्र स्वीकृति देने के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज्य मंत्री बरिन्द्र सिंह को अपना निजी दखल देने की की मांग की है। आज दोपहर कृषि भवन में केन्द्रीय मंत्री के कार्यालय में एक बैठक दौरान स. बादल ने कहा कि यूरेनियम व अन्य भारी धातुओं के असितत्व के कारण लोगों को पीने वाला स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पहले ही एक विस्तृत प्रस्ताव पेश किया गया है उन्होने कहा कि इन भारी धातुओं के कारण बहुमत ग्रामीण जल सप्लाई योजनाए बुरी तरह प्रभावित हुई है।
विचार विमर्श दौरान स. बादल ने कहा कि 1971 अबादियों में 1829 जल ट्रीटमैंट प्लांट स्थापित करने के लिए 226.82 करोड़ रूपये का व्यापक प्रोजैक्ट अक्तूबर 2014 में भारत सरकार को सौंपा गया था उसने इस प्रोजैक्ट को शीघ्र स्वीकृति देने और आवश्यक फंड जारी करने के लिए चौधरी बरिन्द्र सिंह को आग्रह किया ताकि राज्य के इन क्षेत्रों के लोगों को दूषित पानी से होने वाली कैंसर जैसी अन्य बीमारियों से बचाया जा सके। पीने वाले पानी संबधी राष्ट्रीय ग्रामीण प्रोजैक्ट (एनआरडीडब्लयूपी)अधीन फंड जारी करने की मांग करते हुये मु यमंत्री ने फंडों के वितरण संबधी मौजूदा नियमों में तबदीली लाने के लिए केन्द्रीय मंत्री को कहा ताकि पंजाब के कंडी और सेम जैसे कठिन क्षेत्रों में रह रहे लोगों को पीने वाले सुरक्षित पानी की योजना अधीन लाया जा सके। केन्द्रीय मंत्री ने स. बादल को बताया कि मौजूदा नियमों अधीन राज्यों को केवल विश्ेाष फंडों के वितरण डैजरट डिवैलपमैंट प्रोजैक्ट (डीडीपी) के लिए निर्धारित नियमों अधीन ही किये जाने की आज्ञा है और मु यमंत्री द्वारा कंडी और सेम जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया गया हेै जोकि इस योजना अधीन योगय नही है।
बादल ने मनरेगा अधीन मौजूदा मजदूरी दर 201 रूपये प्रतिदिन से बढाकर 300 रूपये प्रति दिन करने की भी मंत्रालय को विनती क्योकि पंजाब में मार्किंट मजदूरी दरे ज्यादा है। इंदिरा आवास योजना अधीन मुख्यमंत्री ने इस योजना अधीन लाभपात्रियों को दी जा रही सहायता 70 हजार रूपये से बढाकर दो लाख रूपये करने की मांग की क्योकि निर्माण साम्रगी की दरे ज्यादा उंची होने के कारण घरों का निर्माण करने में बहुत पैसा लगता है।स बादल ने संगठित वाटर शैड प्रंबधन कार्यक्रम (आई डब्लयू एम पी )अधीन 35 करोड़ रूपये शीघ्र जारी करने के लिए मंत्रालय को कहा क्योकि भारत सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई)पहले ही पंजाब के उन 44 ब्लाकों में नोटिफाई की जा रही है जिनमें भूजल का स्तर बहुत नीचे चला गया है इन ब्लाकों में से 13 ब्लाकों का इस प्रोजैक्ट के लिए चयन किया गया है।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने चोधरी बरिन्द्र सिंह को आग्रह किया कि वह 2954 कि.मी ल बी 279 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अधीन भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये 997.99 करोड़ रूपये में से 502.01 करोड़ रूपये के बकाया फंड जारी करे उन्होने 1346.31 कि.मी. ल बी सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 अधीन पेश किये गये 867.71 करोड़ रूपये के प्रोजैक्ट को भी शीघ्र हरी झंडी देने की मंाग करने के अतिरिक्त इनके लिए आवश्यक फंड जारी करने के लिए कहा ताकि यह प्रोजैक्ट अगले वर्ष के अंत तक पूरे हो सके। मुख्यमंत्री द्वारा उठाये गये मुददे के संबध में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने राज्य में पानी के प्रभावित स्तर की समस्या से निपटने के लिए शीघ्र फंड उपलब्ध करवाने के लिएसहमति जताई उन्होने इस समस्या से प्रभावित गांवों को दौरा करने के लिए अधिकारियें को कहा उन्होने कहा कि इस संबध में शीघ्र अति शीघ्र कदम उठायेगें। उन्होने मंत्रालय को एनआरडीडब्लयूपी अधीन मौजूदा नियमों को संशोधित करने के लिए कहा ताकि पंजाब जैसे राज्य कंडी और सेम वाले क्षेत्र के लिए भी विश्ष फंड प्राप्त कर सके। मु यमंत्री के साथ उनके विशेष प्रमख सचिव श्री केजेएस चीमा, अतिरिक्त मु य सचिव पीडब्लयूडी श्री एन एस कलसी, प्रमुख सचिव गा्रमीण विकास एंव पंचायत डा. रोशन शुकारिया और सचिव जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन श्री अजोये शर्मा भी उपस्थित थे।