केंद्रीय वित्त एवं सूचना व प्रसारण मंत्री अरुण जेतली ने विद्यार्थी वर्ग को निमंत्रण दिया है कि वह भीड़़ का हिस्सा न बनें तथा अपने नए विचारों के साथ अपने अपने क्षेत्र में निपुणता प्राप्त करके देश के विकास के दूत बनें ताकि भारत को विकासशील देश बनाया जा सकें। आज यहां खालसा कालेज की 108वीं वार्षिक कन्वोकेशन के अवसर पर मुख्यमंत्री स.प्रकाश सिंह बादल की उपस्थिती में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज की उन्नति का आधार नए दिमागी विचार हैं जिस से समाज की किस्मत को बदला जा सकता है। शिक्षा क्षेत्र को सब से महत्वपूर्ण बताते हुए श्री जेतली ने कहा कि देश में मध्यम वर्ग की संख्या 35 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है जिस का मुख्य कारण देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के हिस्से का तेजी से बढऩा है। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के लिए विभिन्न क्षेत्रों के माहिरों व पेशेवरों की जरुरत होती है, जो कि केवल शिक्षा क्षेत्र में निपुणता प्राप्त करके ही संभव है।
पंजाब में बुनियादी ढ़ांचे के विकास पर जोर देते हुए श्री जेतली ने कहा कि पंजाब में विकास के कारण तेजी के साथ शहरीकरण भी हुआ है और खेती आधारित राज्य होने के बावजूद पंजाब में शहरी जनसंख्या निवास 50 फीसदी के करीब पहुंच रही है। उन्होंने पंजाब के धार्मिक एवं सभ्यचारक शक्ति द्वारा उभरने की असीम संभावनाओं पर बोलते हुए कहा कि हमे अपने पूर्वजों की प्राप्तियों से ही संतुष्ट होकर नहीं बैठना चाहिए बल्कि नए क्षेत्रों के विकास की तरफ भी बहुत तरजीह देनी चाहिए।मुख्यमंत्री स. बादल को अमन कानून व भाईचारे का पहरेदार बताते हुए श्री जेतली ने कहा कि उन्होंने देश की एकता व अखंडता के लिए हमेशा डट के पहरा दिया है। उन्होंने कहा कि स. बादल को अभी अभी पदम विभूष्ण के साथ सम्मानित किया गया है पर वह इससे भी कही अधिक बड़े सम्मान के हकदार है।
समागम को संबोधित करते हुए स. बादल ने पंजाब निवासियों की ओर से श्री जेतली का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबलों के लिए भारतीय विद्यार्थियों को गुणवता से भरपूर शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज का समय मुकबाले का समय है, जिसमें केवल अच्छी और उदेश्य से भरपूर शिक्षा के साथ ही आगे बढ़ा जा सकता है।उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा अपनी तरह के पहले तजुरबे के अंतर्गत मैरीटोरियस स्कूल खोले गए हैं, जहां 10वीं शिक्षा में 80 फीसदी से ज्यादा अंक लेने वाले विद्यार्थियों को उच्च गुणवता वाली शिक्षा मुफ्त प्रदान की जा रही है। सरदार बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को पहल दी गई है जिस के अंतर्गत पंजाब देश में शिक्षा के क्षेत्र मेंं 14वें से पहले स्थान पर आ गया है।
मुख्यमंत्री सरदार बादल ने कहा कि अमृतसर में आईआईएम की स्थापना के संबंध में बीते कल पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय सरकार के साथ समझौता हो चुका है। खालसा कालेज जैसी निपुण संस्थाओं की स्थापना पर जोर देते हुए सरदार बादल ने कहा कि यह केवल देश की सब से पुरानी संस्था ही नहीं बल्कि एक विरासत है, जिस ने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार प्रताप सिंह कैरो, एयर चीफ मार्शल अर्जुन सिंह, गुरदयाल सिंह, जनरल हरबख्श सिंह जैसे नायक पैदा किए है। मुख्यमंत्री सरदार बादल ने केंद्रीय वित्त मंत्री को महीने में कम से कम एक बार पंजाब में आने की अपील की ताकि पंजाब के विकास को और गति प्रदान की जा सकें। इस दौरान सरदार बादल ने खालसा कालेज को 50 लाख रुपये की ग्रांट देने की भी घोष्णा की । इससे पहले गर्वनिंग काउंसिल के चेयरमैन सरदार सत्यजीत सिंह मजीठिया ने मुख्य महमान श्री जेतली का स्वागत किया और कालेज के प्रिंसीपल डा. महल सिंह ने कालेज की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
जेतली और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा खालसा कालेज की गर्वनिंग काउंसिल का इतिहास 1890-2015 किताब का भी विमोचन किया गया। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में 226 विद्यार्थियों को डिग्रीयां प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय फूड प्रौसेसिंग मंत्री श्री मति हरसिमरत कौर बादल , केंद्रीय राज्य मंत्री सामाजिक न्याय मंत्रालय श्री विजय सांपला, पंजाब के माल व लोक संपर्क मंत्री सरदार विक्रम सिंह मजीठिया, संसदीय सदस्य सरदार रणजीत सिंह ब्रहमपुरा, पंजाब भाजपा के प्रधान श्री कमल शर्मा, संसदीय सचिव श्री सोम प्रकाश, विरसा सिंह वल्टोहा और अमरपाल सिंह बोनी अजनाला, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री तीक्ष्ण सूद, कालेज के आनरेरी सचिव स.राजिंदर मोहन सिंह छीना, वाइस चांसलर सरदार राजमहिंदर सिंह मजीठा भी मौजूद थे।