पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिह बादल द्धारा निजी तौर पर दिये गये आमंत्रण को मन्जूर करते हुये प्रधानमंत्री श्री नरिन्द्र मोदर ने श्री आनन्दपुर साहिब के 350 वें स्थापना दिवस समागम मे 19 जून को शामिल होने की पुष्टि कर दी है।मुख्यमंत्री आज सुबह श्री मोदी को 7 रेस कोर्स रोड मे स्थित उनके निवासस्थान पर मिले एवं उन को श्री आनन्दपुर साहिब के 350 स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले मैगा समारोह की अध्यक्षता करने के लिए अपील की । स बादल ने प्रधानमंत्री को श्री आनन्दपुर साहिब की पावन धरती के इतिहास एवं महत्ता बारे सक्षेंप जानकारी दी जिस को के नवें गुर श्रीह गुर तेग बहादुर जी ने 1665 ईसवी मे बसाया था एवं उन्होने मानवीय मर्यादा को बनाये रखने के लिए अपना बलिदान दिया था। बादल ने बताया कि यह धरती खालसा पंथ की जन्म भूमि है,जहां सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिह जी ने 1699 मे वैशाखी के इतिहासिक दिन पर खालसा पंथ की स्थापना की थी।मुख्यमंत्री ने श्री मोदी को यह भी बताया कि इस पवित्र शहर की स्थापना की 350 वर्षगांठ के समागमो का समापन समारोह 19 जून को होगा।उन्होने बताया कि राज्य सरकार 17 जून से 19 जून तक इस संबधी एक बडा समागम आयोजित कर रही है जिस अवसर पर लोग इस इतिहासिक शहर की शानदार विरासत को श्रद्धा सुमन अर्पित करेगे।
मुख्य मंत्री द्धारा की गई इस अपील को मन्जूर करते हुये श्री मोदी ने उनकेा आश्वासन दिलाया कि वो 19 जून को इस पावन धरती पर करवाये जा रहे समागम मे शामिल होगे।
इस दौरान स बादल ने नदेंड साहिब गुरुद्धारा सच्चखंड श्री हजूर साहिब बोर्ड के मुखी को नामजद करने संबधी सवदेंनशील मामले को प्रधानमंत्री के पास उठाया जोकि दुनिया भर के सिक्खो मनों मे विरोध का कारण बना हुआ है। उन्होने कहा कि नदेंड साहिब सिक्ख गुरुद्धारा सच्चखंड श्री हजूर साहिब अबचलनगर सहिब एक्ट,1956 बोर्ड के गठन के लिए बनाया गया था जो कि सिक्खों के पाचवें तख्त नदेंड साहिब को चलाने के प्रबंध से संबधित था । उन्होने कहा कि यह बोर्ड के अध्यक्ष के चयन के लिए लोकतंत्रीय प्रणाली थी जोकि 1956 से दुनिया भर के सिक्खो की संतुष्टि अनुसार काम कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष का चयन बोर्ड के द्धारा ही होता था जोकि पाचवें तख्त के कामकाज को सही ढंग से चलाने के लिए आवश्यक था।उन्होने कहा कि अध्यक्ष की लोकतंत्रीय चयन मे किसी प्रकार का बदलाव करने का कोई भी कारण नही था। स बादल ने कहा कि बोर्ड का अध्यक्ष एक्ट के बनने के बाद निरन्तर सदस्यो द्धारा चुना जाता रहा है।मुख्य मंत्री ने श्री मोदी के ध्यान मे लाया कि फरवरी 2015 मे महाराष्ट् सरकार ने इस एक्ट मे एक आर्डीनैस के द्धारा संशोधन कर दिया जिस के अनुसार बोर्ड का अध्यक्ष सरकार द्धारा बोर्ड के सदस्यो मे से नामजद किया जायेगा। स बादल ने प्रधानमंत्री को अपील की कि वो अपने अधिकारो का प्रयोग करते हुये महाराष्ट़् सरकार को यह गैर कानूनी संशोधन वापिस लेने एवं बोर्ड के अध्यक्ष के चुनाव के लिए लम्बे समय से चली आ रही लोकतंत्रीय प्रणाली को बहाल करेन के लिए कहे।अधे घंटे की बेठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खेतीबाडी एवं संबधित सैक्टर के विकास संबधी मामलो को भी प्रधानमंत्री के पास उठाया।बादल मे स बादल वित मंत्री श्री अरण जेतली एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिह को भी उन के कार्यालय मे मिले एवं उनको श्री आनन्दपुर साहिब के समागम मे शामिल होने के लिए आमत्रिण पत्र दिया। इस प्रति दोने केन्द्रीय मंत्रियो ने स बादल को इस समागम मे शामिल होने आश्वासन दिलाया।मुख्यमंत्री जी के साथ उनके प्रमुख सचिव श्री एस के संधु एवं रैजीडैंट कमश्रिर पंजाब भवन श्री के शिवा प्रसाद उपस्थित थे।