आम आदमी पार्टी (आप) की सर्वोच्च नीति नियामक संस्था, राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से बाहर निकाले जाने के एक हफ्ते बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम एक खुला पत्र जारी कर अपना पक्ष रखा। इस पत्र में उन्होंने कई मोर्चो पर अरविंद केजरीवाल पर हमला किया है। दोनों नेताओं ने अपने पत्र में सुलह का रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि उन्हें किसी पद की ललक नहीं है और वे पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। अपने पांच पन्नों के पत्र में दोनों नेताओं ने पार्टी के व्यक्ति केंद्रित होने के मुद्दे को दोबारा उठाया है। उल्लेखनीय है कि चार मार्च को आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रशांत और योगेंद्र को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति से बाहर निकाल दिया गया था। उन्होंने कहा, "हमने कुछ संस्थागत मुद्दों को उठाया था, लेकिन हमारे ऊपर ही झूठे आरोप लगा दिए गए। हमने पार्टी की एकता और अखंडता के लिए काम किया लेकिन हमारे ऊपर ही पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाया गया।"उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप को हास्यास्पद बताया और कहा कि अब जरूरी हो गया है कि आप संयोजक केजरीवाल के समर्थकों ने जो आरोप लगाए हैं उनका जवाब दिया जाए।