हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज सेव द चिल्ड्रन एक वीडियो वैन अभियान ‘हां, बच्चों के हैं अधिकार’ अभियान के तहत वीडियो वैन्स को पंचकूला में झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार के साथ सहभागिता में आज यहां सेव द चिल्ड्रन ने एक वीडियो वैन अभियान ‘हां, बच्चों के हैं अधिकार’ अभियान को शुरू किया गया।सेव द चिल्ड्रन, एक प्रमुख और स्वतंत्र बाल अधिकार संगठन है जो कि पूरे भारत में काम कर रहा है और ये पूरे विश्व में 120 से अधिक देशों में विभिन्न अभियान संचालित कर रहा है।अभियान के तहत तीन वैन रवाना की गई हैं और ये हरियाणा के हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों के 290 गांवों में जाएंगेी और एक नुक्कड़ नाटक और उसके बाद इस विषय पर एक एनिमेटेड फिल्म को भी दिखाया जाएगा। इन प्रयासों से ग्रामीणों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रसार किया जाएगा। ये अभियान एक विशाल बाल अधिकार कार्यक्रम का हिस्सा है जिसे सेव द चिल्ड्रन द्वारा हरियाणा और पंजाब में संचालित किया जा रहा है।
इस मौके पर श्री जतिन मोंदार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सेव द चिल्ड्रन, पंजाब एंड हरियाणा स्टेट प्रोग्राम ऑफिस ने कहा कि ‘‘बाल अधिकारों को लेकर जागरूकता की कमी एक महत्वपूर्ण कारण है जिसके चलते बाल अधिकारों के उल्लंघन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आज बच्चे उत्पीडऩ, शोषण और नजरअंदाज के सबसे अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं और वे आसानी से इनका शिकार बन रहे हैं और सबसे दुखद ये है कि समुदाय में उनकी आवाज को आसानी से सुना भी नहीं जाता है। ऐसे में बाल अधिकारों को लेकर इस जागरूकता अभियान का अत्याधिक महत्व है और इसे काफी विस्तृत स्तर पर संचालित किया जा रहा है।’’
इस अभियान में मुख्य जोर इस संदेश पर दिया जाएगा कि शिक्षा, सुरक्षा, समानता और सम्मान, बच्चों के मुख्य अधिकार हैं। समुदाय में प्रत्येक व्यक्ति का ये कर्तव्य है कि वे ये सुनिश्चित करें कि बच्चों को उनके अधिकार मिल रहे हैं। बच्चों के बाल अधिकारों के उल्लंघन के किसी भी मामले या घटना पर उचित ध्यान और कार्रवाई की जरूरत है और सुरक्षा संबंधी मामलों को देखने के लिए गांवों में बाल सुरक्षा समितियों का गठन करना होगा। इन समितियों को सरकार की एकीकृत बाल सुरक्षा योजना के तहत गठित किया जा सकता है।इस तीन वर्षीय तक संचालित किए जाने वाले अभियान का ये पहला साल है और इसे हरियाणा सरकार महिला और बाल विकास विकास विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा। हरियाणा में इस अभियान की शुरुआत के बाद अभियान को आने वाले सप्ताहों में पंजाब के 550 गांवों में भी विस्तार किया जाएगा।इस मौके पर जतिन मोंदार ने कहा कि ‘‘ हमें पूरा विश्वास है कि बाल अधिकारों को लेकर जागरूकता के स्तर में बढ़ोतरी के साथ ही समुदाय में बच्चों के समुचित विकास के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा।’’
प्रोजेक्ट के बारे में परिचय
सेव द चिल्ड्रनअभियान को इसके चार सहभागियों के साथ संचालित किया जा रहा है जिनमें सोसायटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट (एसएआरडी), मॉडल रूरल यूथ डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (एमआरवाईडीओ), चाइल्ड सरवाइवल इंडिया (सीएसआई) और वालंटियर्स फॉर सोशल जस्टिस (वीएसजे) शामिल हैं और ये सभी एक साथ ‘पंजाब और हरियाणा के कपास उत्पादक जिलों में बाल अधिकारों को मजबूत बनाने’ के एक विशेष अभियान को संचालित कर रहे हैं।इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा और पंजाब के 833 रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचा जा रहा है और इसका उद्देश्य 6 से 14 साल आयु वर्ग के स्कूल से बाहर ऐसे बच्चों को स्कूलों में प्रवेश करवाना है जो कि पढ़ाई नहीं कर रहे हैं।इस परियोजना के माध्यम से हम समुदाय आधारित बाल सुरक्षा प्रक्रिया को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और इस प्रक्रिया में गांव बाल सुरक्षा समितियों और बाल समूहों का गठन कर रहे हैं ताकि बच्चों के मुद्दों का समाधान किया जा सके।