उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नीति आयोग के संचालन के लिए नियमावली व प्रक्रिया इस प्रकार निर्धारित करने पर जोर दिया है, जिससे राज्यों को साथ लेते हुए विकास की गति को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने केंद्रीय प्लान बजट का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को एकमुश्त उपलब्ध कराए जाने की मांग की, ताकि प्रदेश स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के मुताबिक योजनाएं लागू कर सके। यादव ने रविवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की पहली बैठक में आयोग की कार्य प्रणाली में सुस्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए जाने पर जोर देते हुए इस संबंध में एक उपसमिति के गठन का सुझाव दिया, जिसमें आयोग के सदस्य एवं राज्यों का प्रतिनिधित्व हो।यह उपसमिति एक निश्चित समय-सीमा में अपनी विस्तृत संस्तुति शासी परिषद को सौंपेगी, अनुमोदन के बाद इसे आयोग द्वारा ग्रहण कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक नीति आयोग की नई व्यवस्थाएं धरातल पर नहीं उतर आती तब तक, विशेष रूप से यह देखते हुए की 12वीं पंचवर्षीय योजना का तीसरा वर्ष चल रहा है, पूर्ववर्ती वार्षिक योजना व्यवस्था को फिलहाल बनाए रखना उचित होगा। उन्होंने कहा कि दूरगामी परिणाम वाली रणनीति के तहत 10-15 वर्षों की दीर्घकालीन योजनाएं बनाना वर्तमान परिदृश्य में आवश्यक तो है, लेकिन पंचवर्षीय योजनाएं समयबद्ध ढंग से बनाने की वर्तमान प्रणाली को बनाए रखना उचित होगा।