विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी व पर्यटन स्थल कुरुक्षेत्र को राज्य सरकार वर्ल्ड टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान के तहत काम करेगी। इस मास्टर प्लान के तहत राज्य सरकार ने योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत ज्योतिनगर के सूरज कुंड तीर्थ के नवनिर्माण के लिए चार करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है।इस तीर्थ के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दो करोड़ रुपये की घोषणा गीता जयंती समारोह के दौरान की है। अहम पहलू यह है कि इस तीर्थ के साथ-साथ ब्रह्मसरोवर पर भगवान श्रीकृष्ण की विराट मूर्ति स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर कर दी गई है।
राज्य सरकार के आदेशानुसार पर्यटन विभाग व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से ज्योति नगर के सूरज कुंड तीर्थ का नवनिर्माण करने के लिए एक मास्टर प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस मास्टर प्रोजेक्ट के तहत ज्योति नगर व रेलवे के लाइन के बीच करीब 6 एकड़ तीन कनाल जमीन पर सूरज कुंड तीर्थ को विकसित किया जाएगा। यहां पर 50 फीट गुणा 50 फीट में कुंड तैयार किया जाएगा और इसके साथ ही भव्य घाट भी तैयार किए जाएंगे। योजना के अनुसार इस जगह पर एक सुंदर पार्क बनाया जाएगा। पार्क के अंदर चारों ओर सीसी सीमेंट के रास्ते व रंगी-बिरंगी लाइटों से सुसज्जित किया जाएगा ताकि पर्यटक और शहरवासी इस पार्क में भ्रमण कर सकें और रोजाना सूरज कुंड तीर्थ के दर्शन कर सकें। इस पार्क में बैठने के लिए भी कुर्सियां स्थापित की जाएंगी। पिपली ताऊ देवीलाल पार्क की तर्ज पर इसे तैयार किया जाएगा। इस तीर्थ के प्रवेश द्वार का निर्माण भी भव्य तरीके से किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने मिलकर करीब चार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का प्रस्ताव भी तैयार किया है।पर्यटन विभाग की तरफ से सूरज कुंड तीर्थ के मास्टर प्लान को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस तीर्थ पर काम करने के लिए पहले से ही दो करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा कर दी है।