केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम को तत्परता से गति देने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों की सराहना की।वे आज पानीपत रिफाईनरी टाऊनशिप में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम से पहले हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित महिला एवं बाल विकास पर दो दिवसीय नव दिशा कार्यशाला का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 16 दिसंबर, 2014 को इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए हरियाणा का चयन किया गया था और हरियाणा सरकार ने इतनी अल्पावधि में ही कार्यक्रम की सफलता के लिए पूरा-पूरा माहौल तैयार किया है इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल बधाई के पात्र है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने आगे अपने संबोधन में कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाने वाला चौथा कार्यक्रम है। इससे पूर्व स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, प्रधानमंत्री जन-धन योजना जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक क्रियान्वित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीमोदी ने गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वायदा किया था और इसी कड़ी में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम भारत के राज्यों में लिंगानुपात दर उत्तर-पूर्वी राज्यों की तुलना में काफी खराब है जबकि यह क्षेत्र वहां की तुलना में अधिक विकसित है। उन्होंने कहा कि हमें मानसिकता बदलने की जरूरत है तभी हम सफल होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्वी के कुछ आदिवासी बाहूल्य राज्यों में तो एक हजार पुरूषों की तुलना में 1100 महिलाएं तथा कुछ में हजार पुरूषों की तुलना में एक हजार महिलाएं है। परन्तु पश्चिम भारत में देखें तो यह संख्या काफी कम है जो ङ्क्षचता का विषय है। उन्होंने कहा कि देश का औसत लिंगानुपात जनगणना 2011 के अनुसार एक हजार पुरूषों की तुलना में 918 महिलाओं का है। उन्होंने कहा कि अगर हम आंकड़ों को गौर से देखे तो लगता है प्रतिदिन देश में दो हजार कन्या भ्रूण हत्या होती है। इसी प्रकार देश में कुपोषण दर 46 प्रतिशत है जबकि लड़कियों में यह 70 प्रतिशत है।
श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत 100 जिला मैजिस्ट्रेटों को अपने-अपने जिलों में लिंगानुपात सुधार की विशेष योजनाएं तैयार करने को कहा गया है जो सीधे केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे तथा बाद में जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय व संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नौ महीने बाद रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी तथा बेहतरीन कार्य करने वाले जिला मैजिस्ट्रेटों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में भी गुजरात की मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संबोधन से भी उन्हें कुछ नई जानकारियां मिली है जो काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के गैर सामाजिक संगठन ने भी उनसे मुलाकात की थी और अपने एनजीओ को दादी-पोती अभियान से जोडक़र दादी मंडल नाम से चला रहा है। इसके लिए लड़कियों के जन्म को महत्व देने वाली दादियों को विशेष रूप से सम्मानित करने की मुहिम चलाई गई है।
श्रीमती गांधी ने कहा कि आज समाज में प्यार कम हो गया है जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बेटी को पराया धन समझने की हमारी सोच को हमें बदलना होगा क्योंकि बेटी कभी पराया धन नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण उपलब्ध किया जाएगा जिससे हम महिलाओं के विरूद्ध उत्पीडऩ के मामले कम करने में सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए कम अवधि में बेहतरीन प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के साथ-साथ हरियाणा सरकार के अधिकारियों की भी सराहना की।हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कविता जैन ने अपने संबोधन में पानीपत की ऐतिहासिक धरा पर सभी आए हुए महानुभावों का स्वागत करते हुए कहा कि पानीपत तीन लड़ाईयों के लिए प्रसिद्ध रहा है और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाई गई मुहिम पानीपत की चौथी लड़ाई के रूप में जानी जाएगी और हम सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को सफल बनाने में कंधे से कंधा मिलाकर इसके विरूद्ध लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में जहां महिलाएं नई बुलंदियों को छू रही है वहीं कन्या भ्रूण हत्या जैसी स्थिति को देखे तो हम 16वीं शताब्दी से भी पीछे है। महिला हिंसा उत्पीडऩ जैसे मामलों में हमें झंकोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में सभी राज्यों के आए हुए प्रतिनिधि विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और योजनाओं को सांझा करेंगे, जो परिणाम प्रधानमंत्री जी के लक्ष्य बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को पूरा करेंगे।
इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व अन्य विशिष्ट अतिथियों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्क्रोल का विमोचन भी किया। इसके अलावा झज्जर जिला में लिंगानुपात में बेहतरीन सुधार कार्य के लिए जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश धनखड, उप जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह, औषध निरीक्षक मनमोहन तनेजा व राकेश दहिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।समारोह में अंडेमान एवं निकोबार के उप-राज्यपाल ए.के. सिंह, हरियाणा के महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, गुजरात की शिक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती वासुबेन त्रिवेदी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास सचिव श्री वी एन ऑबरोय, अतिरिक्त सचिव प्रीति दुग्गल, हरियाणा की सभी बीजेपी महिला विधायक, महिला मेयर, हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त सचिव मुख्य सचिव श्री आरपी चंद्रा, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री रामनिवास के अलावा विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधि उपस्थित थे।