प्रदेश मंत्रिमण्डल की आज यहां आयोजित बैठक में राज्य सरकार द्वारा 14वें वित्त आयोग को ज्ञापन प्रस्तुत करने को स्वीकृति प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की।प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणा एवं प्रतिबद्धता के दृष्टिगत मंत्रिमण्डल ने अभिभावक संघ द्वारा ग्रांट इन ऐड के अन्तर्गत रखे गए 6300 से अधिक अध्यापकों की सेवाओं को पीटीए नियम 2006 के अन्तर्गत भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट देते हुए आठ वर्ष की निरन्तर सेवा के उपरांत अनुबंध आधार पर करने का निर्णय लिया। बैठक में प्रारम्भिक एवं उच्च शिक्षा में कार्यरत लगभग 2100 पैरा टीचरों की सेवाएं 10 वर्ष के निरन्तर सेवाकाल के उपरांत नियमित करने को स्वीकृति दी गई। प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 3500 से अधिक प्राथमिक सहायक अध्यापकों को 8900 रुपये प्रतिमाह का मानदेय प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया। यह निर्णय भी लिया गया कि पीटीए के तहत रखे गए उन प्रवक्ताओं को ग्रांट इन ऐड जारी कर दी जाए, जिन्होंने 31 दिसम्बर, 2010 के उपरांत बी.एड. की डिग्री पूरी की है। पीटीए के तहत रखे गए अन्य प्रवक्ताओं को बी.एड. पूरी करने के उपरांत ग्रांट इन ऐड जारी कर दी जाएगी। समकक्ष श्रेणी के अन्य प्रवक्ताओं को भी बी.एड. पूरी करने के बाद ग्रांट इन ऐड दे दी जाएगी।
मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश खनिज नीति-2013 को स्वीकृति प्रदान की ताकि प्रदेश में खदानों एवं खनिजों का नियमन सुनिश्चित बनाया जा सके। इससे प्रदेश में तय प्रावधानों के अनुसार खनन गतिविधियां जारी रखने में सुविधा मिलेगी और प्रदेश में अवैध खनन पर रोक लगेगी। यह नीति स्थानीय उद्देश्यों के लिए स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं को भी सुरक्षित बनाएगी।बैठक में राज्य स्तरीय खरीद नीति की संस्तुति के अनुरूप खुले बाजार से चीनी की खरीद करने का निर्णय भी लिया गया। इस समिति का गठन इसी उद्देश्य के लिए किया गया था।मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यान्वित करने का निर्णय लिया। इस उद्देश्य के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं व्यावसायिक सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।बैठक में सामाजिक रूप से उन्नत व्यक्ति एवं क्रीमीलेयर को आय मापदण्ड से बाहर करने के लिए आय सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए आय सीमा को 4.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने आबकारी एवं कराधान विभाग की नई ‘हिम बिल नोट स्क्रैच एंड विन स्कीम’ आरम्भ करने का निर्णय लिया। यह योजना ग्राहक प्रोत्साहन योजना के स्थान पर आरम्भ की जाएगी ताकि उपभोक्ता नकद रसीद लेने के लिए प्रेरित हो सके।बैठक में ऊना जिले की हरोली विधानसभा क्षेत्र के पबोबाल में इस शैक्षणिक सत्र से चार टेªड सहित एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आरम्भ करने का निर्णय लिया गया।मंत्रिमण्डल ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के अन्तर्गत स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के कार्यान्वयन एवं निष्पादन को स्वीकृति दी। इसके लिए सम्पूर्ण योजना को नई योजना के रूप में केन्द्र सरकार को तीन वर्ष की बढ़ी हुई कार्यान्वयन अवधि के साथ केन्द्र सरकार को प्रेषित किया जाएगा।मण्डी में सार्वजनिक निजी सहभागिता के अन्तर्गत कार पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर विकसित करने को स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमण्डल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से पंचायत सहायकों के 200 पद सृजित करने एवं भरने को स्वीकृति दी। पुनर्नामित पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों के काडर को पुनः जिला काडर करने को भी स्वीकृति दी गई।बैठक में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में जिला लोक सम्पर्क अधिकारी/सूचना अधिकारी के तीन पद अनुबंध आधार पर भरने और निर्वाचन विभाग में प्रचलित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुरूप लिपिकों के खाली पड़े 21 पदों को अनुबंध आधार पर भरने की स्वीकृति दी गई।बैठक में हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग में तहसीलदार (निर्वाचन), प्रथम श्रेणी (राजपत्रित) पद के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमण्डल ने स्थानीय लेखा विभाग तथा आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग में कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों की वेतन सरंचना/ग्रेड पे में पद आधारित संशोधन को स्वीकृति दी।बैठक में प्रदेश लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियन्ता (सिविल) से अधिशाषी अभियन्ता (सिविल) पद पर पदोन्नति के लिए आठ वर्ष के सेवाकाल के मापदण्ड को बहाल करने को स्वीकृति दी गई। बैठक में 12 मैगावाट क्षमता की जोबरी जल विद्युत क्षमता के सम्बन्ध में आबंटित डोमेन बदलने की स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमण्डल ने चम्बा जिले की 1.5 मैगावाट क्षमता की लोअर कालम लघु जल विद्युत परियोजना के आबंटन को रद्द करने का निर्णय लिया। बैठक में 4.5 मैगावाट क्षमता की बिनवा-प्प्, 2.40 मैगावाट क्षमता की चौंडा, 1.50 मैगावाट क्षमता की सैलन, दो मैगावाट क्षमता की बलेनी-का-नाला, तीन मैगावाट क्षमता की जोइनर-प्प्, 1.50 मैगावाट क्षमता की चक्का, एक मैगावाट क्षमता की शिरिर, 1.50 मैगावाट क्षमता की जाखी और 1.60 मैगावाट क्षमता की नेरा लघु जल विद्युत परियोजनाओं के आबंटन रद्द करने का निर्णय लिया क्योंकि स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक समय पर इन परियोजनाओं का निष्पादन करने में असफल रहे।