हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल सही मायनों में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे, जिन्होंने देश के प्रथम गृह मंत्री रहते हुए 562 रियासतों में से 559 रियासतों को एक साथ भारतीय संघ में विलय करवाकर अखण्ड भारत की नीवं रखी। हमारी युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के आदर्शों से प्ररेणा लेनी चाहिए।मुख्यमंत्री आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 138वीं जयंती पर डीएवी कॉलेज, सैक्टर-10 चण्डीगढ़ में आयोजित एकता दौड़ व पंजाब विश्वविद्यालय,चण्डीगढ़ के 56वें अन्तर-क्षेत्रीय युवा एवं हैरीटेज महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। मनोहर लाल ने एकता दौड़ को हरी झण्डी दिखाकर आरम्भ किया और विद्यार्थियों के साथ स्वयं दौड़ में भाग लिया।
सरदार पटेल को महान देशभक्त, दूरदर्शी एवं लोकप्रिय नेता बताते हुए श्री खट्टïर ने कहा कि यह मेरे लिए गौरव की बात है कि 26 अक्तूबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के उपरान्त यह मेरा पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है और वह भी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने इतनी बड़ी संख्या में देश की रियासतों को बिना किसी रक्तपात के विलय करवाने के कारण उन्हें लौह पुरूष की उपाधि दी गई थी और आज उनकी जयंती राष्टï्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है, जो उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि तीन रियासतों में से हैदराबाद तथा जूनागढ को भारतीय संविधान अपनाने तथा भारतीय संघ में विलय कराने का दायित्व श्री पटेल को मिला था, जबकि तीसरी रियासत जम्मू एवं कश्मीर का तत्कालीन प्रधानमन्त्री पं0 जवाहरलाल नेहरू को दिया गया था। श्री पटेल दोनों रियासतों को मनाने में कामयाब रहे थे। जम्मू एवं कश्मीर को अलग प्रधानमन्त्री व झण्डा तथा संविधान का दर्जा मिला रहा। बाद में धारा 370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं से विद्यार्थियों को अवगत करवाया, जिसमें उन्होंने गुजरात के खेड़ा संघर्ष में अंग्रेजी सरकार के दौरान किसान आन्दोलन का नेतृत्व करना प्रमुख घटना थी और जिसमें ब्रिटिश शासन को झुकना पड़ा था।उन्होंने कहा कि आज से ठीक एक वर्ष पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरदार वल्लभभाई पटेल की 137वीं जयंती पर नर्मदा जिले में उनका स्मारक बनवाने का कार्य आरम्भ किया था और स्मारक में स्थापित की जा रही श्री पटेल की मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी जो पांच वर्षों में तैयार होगी, इस पर लगभग 2500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है और इसका नाम एकता की मूर्ति (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) रखा गया है, जो युगों-युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं अन्य विशिष्ठï अतिथियों को राष्टï्रीय एकता की शपथ दिलवाई और देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समर्पित होने का संकल्प दिलवाया और कहा कि यह सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रंद्वजलि होगी।इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित शहीद कैप्टन बिक्रम बत्तरा, लेफ्टिनेंट राजीव सेठी, मेजर संदीप सागर व कैप्टन विजय थाप्पर की प्रतिमाओं पर श्रद्वासुमन अर्पित कर श्रंद्वजलि दी।इस अवसर पर चण्डीगढ़, भाजपा के अध्यक्ष श्री संजय टण्टन, पंजाब विश्वविद्यालय के प्रौ.अरूण ग्रोवर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 बी सी जोसन,चण्डीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव श्री अनिल कुमार के अलावा बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, विद्यार्थी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।