भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में रविवार को अपने बूते स्पष्ट बहुमत लाकर इतिहास रच दिया और कहा कि वह महाराष्ट्र में भी सरकार बनाएगी। हरियाणा तथा महाराष्ट्र दोनों राज्यों में कांग्रेस की बुरी गत हुई, जहां वह क्रमश: पंद्रह तथा दस वर्षो से शासन कर रही थी।हरियाणा में पहली बार भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला और मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार के नाम पर चर्चा चल रही है।भाजपा 90 सीटों वाले विधानसभा में कुल 47 सीटें जीतने में कामयाब रही। पार्टी प्रदेश में पहली बार सरकार बनाएगी। पार्टी को 33.2 फीसदी मत मिला।राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा संसदीय पार्टी समिति की नई दिल्ली में रविवार शाम बैठक हुई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता मनोहर लाल खट्टर, प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा तथा भाजपा के प्रवक्ता अभिमन्यु के नामों की चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राव इंद्रजीत सिंह एवं कृष्ण पाल गुर्जर जैसे नेताओं के नामों की भी चर्चा है। साथ ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए बीरेंद्र सिंह भी इस दौड़ में शामिल हैं।पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि नई सरकार का शपथ ग्रहण दिवाली के पहले इसी सप्ताह होगा। उधर 288 सीटों वाले महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा 122 सीटें जीतने में कामयाब रही है, जबकि बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। वहीं, राकांपा ने 41 सीटें जीती है भाजपा को समर्थन का ऐलान किया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नई दिल्ली में घोषणा की कि पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी, लेकिन कैसे इस पर बाद में निर्णय होगा। शाह ने मीडियाकर्मियों से कहा, "राकांपा ने भाजपा को बाहर से समर्थन की पेशकश की है। भाजपा संसदीय समिति इस मामले में अंतिम फैसला लेगी।"
आडवाणी ने कहा, "मुझे उम्मीद है भाजपा और शिवसेना साथ आएंगे।"शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया कि उनकी पार्टी के लिए सभी विकल्प खुले हैं, लेकिन वे इसका खुलासा नहीं करेंगे।उधर, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा से किसी ने उनसे समर्थन के लिए संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा, "यदि भाजपा कोई प्रस्ताव देती है, तो हम उस पर विचार करेंगे।"भजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बात के सबूत हैं कि मोदी लहर लगातार सुनामी बनी हुई है और यह मुकाबले में सभी को पछाड़ सकती है।इससे पहले महाराष्ट्र के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने मीडिया से कहा था कि शिवसेना से अभी कोई बातचीत नहीं हुई है, यदि जरूरत पड़ी तो आशा है हमारे मित्र हमें समर्थन देंगे।शिवसेना के नेता अनिल देसाई ने कहा कि उनकी पार्टी तथा भाजपा के बीच कटुता इतिहास का विषय था।
निवर्तमान मुख्यमंत्री कांग्रेस के भूपिंदर सिंह हुड्डा ने राज्य में अपनी हार स्वीकार कर ली है। हुड्डा ने अपना इस्तीफा राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को सौंप दिया है, जो नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करेंगे।हरियाणा में 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में मात्र चार सीटें जीतने वाली भाजपा द्वारा इस चुनाव में बहुमत लाना एक बड़ी उपलब्धि है। हरियाणा में वह 16 सीटों से ज्यादा कभी नहीं जीत पाई थी।भाजपा के हरियाणा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "हरियाणा की जनता बदलाव चाहती थी। हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने काफी मेहनत की है। हमारी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को जाता है।"भाजपा में कई नेताओं के मुख्यमंत्री पद की होड़ में होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विजयवर्गीय ने कहा, "पार्टी मिलकर अगले मुख्यमंत्री पर विचार करेगी। उम्मीदवार वह शख्स होगा, जो हरियाणा के सभी वर्गो को स्वीकार्य होगा।"कांग्रेस की हार स्वीकारते हुए हुड्डा ने कहा, "यह जनादेश है। मैं इसे स्वीकार करता हूं और नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं।"पार्टी की हार के बाद इनेलो नेता अभय चौटाला ने मीडिया से कहा, "हम इस बात की समीक्षा करेंगे कि गलती कहां हुई है। हम नए सरकार को शुभकामना देते हैं, क्योंकि जनता ने भाजपा को जनादेश दिया है। हरियाणा के विकास के लिए हम सरकार को समर्थन देंगे।"उल्लेखनीय है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 76.54 फीसदी मतदान हुआ था।