राज्य उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष (से.) न्यायाधीश सुरजीत सिंह की अदालत ने अपीलकर्ता के हक में फैसला सुनाते हुए एक सुनार को सोने के आभूषण 8700 रुपए प्रति दस ग्राम के हिसाब से देने के आदेश पारित किए हैं। फोरम ने धर्मशाला के वरिष्ठ अधिवक्ता सुंदर अग्रवाल के तथ्यों व दलीलों को स्वीकारते हुए यह फैसला सुनाया है। जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र कुमार निवासी परागपुर ने जिला उपभोक्ता फोरम देहरा में शिकायत की थी कि उसने गांव के सुनार शिव कुमार को सोने के आभूषण (नथ व नैकलेस) बनाने के लिए 2000 रुपए नकद दिए थे। सोने का मूल्य 8700 रुपए प्रति दस ग्राम तय हुआ था। बाकी के रुपए आभूषण तैयार होने के बाद 28-09-2009 तक देने थे। लेकिन वायदे के अनुसार शिकायतकर्ता को प्रतिवादी ने जेवर तैयार करके नहीं दिए तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम देहरा में शिकायत दर्ज कराई। प्रतिवादी ने इस शिकायत को झूठी व बेबुनियाद बताते हुए खारिज करने का अनुरोध किया। जिला उपभोक्ता फोरम कैंप एट देहरा ने शिकायत को 9-08-2012 को नामंजूर कर दिया। जबकि अपीलकर्ता ने फोरम के इस फैसले को राज्य उपभोक्ता फोरम शिमला में चुनौती दी। राज्य फोरम ने पूरे रिकार्ड का अवलोकन करने के बाद अपील को स्वीकार करते हुए जिला फोरम के फैसले को निरस्त कर दिया तथा प्रतिवादी को तीस दिन के अंदर 20 ग्राम सोने के उपरोक्त आभूषण 15400 रुपए में बनाकर देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने सुनार को 5 हजार रुपए हर्जाना व 4 हजार रुपए बतौर खर्चा देने के आदेश दिए हैं। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष जज सुरजीत सिंह, चंद्रशेखर शर्मा व प्रेम चौहान ने सुनाया।