उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि खादी बोर्ड बड़ी संख्या में पारम्परिक एवं उभरते हुए शिल्पकारों एवं शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में कारगर सिद्ध हुआ है। इसके माध्यम से ग्रामीण युवाओं का शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन रोकने में भी सहायता मिली है। उद्योग मंत्री यहां हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामीण उद्योग बोर्ड के निदेशक मंडल की 210वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार द्वारा समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को सहायता उपलब्ध करवाने के उददेश्य से अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। उन्हें सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि वे स्वरोजगार को अपना सकें। बोर्ड शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पारम्परिक शिल्पकारों को एकजुट कर उन्हें स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है।उन्होंने बोर्ड प्रबन्धन के प्रयासों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि बोर्ड की विविध व्यापारिक गतिविधियों से भविष्य में आय सृजन के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण एवं खादी उद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कैलाश चंद गौड़ ने उद्योग मंत्री का स्वागत किया तथा बोर्ड द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं से अवगत करवाया। बोर्ड के सदस्य सचिव, श्री मनमोहन कटोच ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पारम्परिक शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी पग उठाए जा रहे हैं ताकि उन्हें पारम्परिक व्यवसाय के माध्यम से स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके। बोर्ड के निदेशक मंडल के गैर सरकारी निदेशकों ने भी इस अवसर पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, डा. पी.सी. कपूर, उद्योग विभाग के निदेशक, श्री मोहन चौहान, विशेष सचिव वित्त, श्री राजेश शर्मा भी बैठक में उपस्थित थे।