हरियाणा में एचएसजीपीसी का गठन असंवैधानिक : प्रेम सिंह चंदूमाजरा
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नई दिल्ली , 21 Jul 2014
Last updated on: Jul 21, 2014, 00:00 IST
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने सोमवार को हरियाणा सरकार के उस कदम को असंवैधानिक करार दिया है, जिसके तहत राज्य के सिख गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए एक अलग संस्था का गठन किया गया है। शिअद के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे को उठाया और कहा कि हरियाणा सरकार का कदम 'असंवैधानिक' है। उन्होंने कहा, "हम एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) को विभाजित नहीं होने देंगे।"चंदूमाजरा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) का गठन राज्य में होने वाले चुनाव में वोट बटोरने के इरादे से किया है। चंदूमाजरा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के विचाराधीन है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार द्वारा गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए अलग से एचएसपीजीसी के गठन पर उठाए गए कदम का अमृतसर की एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल ने विरोध किया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस मामले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने शुक्रवार को हरियाणा सरकार को एक पत्र लिखा था और विवादित हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) विधेयक, 2014 पर सरकारी स्वीकृति वापस लेने का आग्रह किया था। हरियाणा सरकार ने हालांकि इस पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी और नए अधिनियम को वापस लेने से इंकार कर दिया। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के गुरुद्वारों का प्रबंधन एसजीपीसी के हाथों में है। हरियाणा में नया कानून लागू हो जाने के बाद राज्य के गुरुद्वारों पर एसजीपीसी का नियंत्रण खत्म हो जाने की संभावना है।