विधानसभा चुनावों की मतगणना के लिए 20 दिसंबर को अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह करीब पांच बजे मतगणना केंद्र पहुंचना होगा। इसके लिए आरओ की तरफ से बाकायदा पत्र लिखकर उन्हें समय अनुसार पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने मतगणना के दौरान भी पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गिनती वाले दिन ही ड्यूटी देने वालों को संबंधित विधानसभा क्षेत्र का नाम और काउंटिंग टेबल बताने का निर्णय लिया है। 20 दिसंबर को ही सुबह काउंटिंग से पहले रेंडेमाइजेशन कर अधिकारियों कर्मचारियों को विस क्षेत्र और टेबल की जानकारी दी जाएगी। विस चुनावों की मतगणना के लिए कड़ाके की ठंड में सुबह मतगणना स्थल पर पहुंचना अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आफत बन गया है। चुनाव आयोग की गोपनीयता बनाए रखने की जहां हर कोई प्रशंसा कर रहा है, वहीं कंपकंपाती ठंड में सारी कार्रवाई पूरा करना अधिकारियों के लिए आफत बन गया है। चुनाव आयोग की सख्त गाइडलाइन के चलते आरओ ने पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों को सुबह पांच बजे मतगणना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है कि मतगणना से पूर्व पूरी गोपनीयता बनाई रखी जा सके। उसी दिन रेंडमाइजेशन कर ड्यूटी देने वालों को किस विधानसभा क्षेत्र में तैनात किया जाना है, उसकी जानकारी दी जाएगी। हर मतगणना केंद्र पर दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गिनती रखी गई है। विस क्षेत्र के अलावा उन्हें टेबल नंबर भी उसी दिन सुबह बताए जाएंगे कि किस कर्मचारी की ड्यूटी किस टेबल पर होगी। उधर, उपायुक्त केआर भारती का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ही सारी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। मतगणना से पूर्व ही रेंडमाइजेशन सहित टेबल नंबर बताने का काम किया जाएगा।