पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज चंडीगढ़ सहकारिता नीति-2026 का शुभारंभ किया। इस नीति का उद्देश्य सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाना, जनसेवाओं में सुधार लाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। इस अवसर पर यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद, पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़, सचिव, आतिथ्य श्री स्वप्निल एम. नाइक, अतिरिक्त उपायुक्त श्री अमनदीप सिंह भट्टी तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
चंडीगढ़ के मुख्यतः शहरी स्वरूप को ध्यान में रखते हुए इस नीति में सेवा सहकारी समितियों पर विशेष बल दिया गया है, जो विद्युत मरम्मत, प्लंबिंग, पेंटिंग, सफाई, सौर ऊर्जा स्थापना तथा छोटे-मोटे मरम्मत कार्य जैसे क्षेत्रों में कार्य करेंगी। ये समितियाँ आवासीय सोसायटियों एवं नागरिकों को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती सेवाएँ उपलब्ध कराएंगी, साथ ही युवाओं, महिलाओं तथा कमजोर वर्गों के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी।
नीति के तहत कुशल श्रमिकों एवं ITI प्रशिक्षित युवाओं को भी सेवा सहकारी समितियों से जुड़कर प्रशिक्षण के तुरंत बाद आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।इस नीति के अंतर्गत 31 दिसंबर, 2027 तक लगभग 50 नई सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरल पंजीकरण प्रक्रिया, प्रशिक्षण, बैंक ऋण उपलब्ध कराने में सहायता तथा थोक खरीद की सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चंडीगढ़ सहकारी विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो इसके कार्यान्वयन का मार्गदर्शन एवं निगरानी करेगा।यह पहल सेवा आधारित सहकारी समितियों को सशक्त बनाने, नागरिकों को उपलब्ध होने वाली दैनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा चंडीगढ़ में स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।