पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार से पूछा है कि आखिर भाजपा के साथ किस सौदे या समझौते के तहत उसने 'गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जी रामजी) योजना' को पंजाब में लागू किया है। जबकि इसी योजना के खिलाफ पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित किया गया था।
उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि आखिर यह कैसा सौदा है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने खुलासा किया कि पंजाब सरकार ने 30 दिसंबर, 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर वीबी जी रामजी योजना को खारिज करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि कल ही पंजाब सरकार ने इस योजना को लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी, जिससे उसने अपने ही पारित प्रस्ताव को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस योजना को लागू करने का समय जितना चौंकाने वाला है, उतना ही महत्वपूर्ण भी है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या इस योजना को अचानक लागू करने का संबंध मुख्यमंत्री से जुड़े मौजूदा विवाद से है? उन्होंने पूछा कि क्या अपनी ही पार्टी और सरकार के भीतर तथा बाहर से घिरे मुख्यमंत्री भाजपा के साथ समझौता करके अपने लिए राहत खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?
अन्यथा, पंजाब में इस योजना को लागू करने का कोई उचित कारण नजर नहीं आता है, जबकि राज्य विधानसभा पहले ही सर्वसम्मति से इसे खारिज करने का प्रस्ताव पारित कर चुकी थी। उन्होंने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे पंजाब में वीबी जी रामजी योजना लागू करने के भगवंत मान के फैसले से सहमत हैं।
उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि केजरीवाल को अपनी चुप्पी तोड़कर इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। अन्यथा, यह बात पक्की हो जाएगी कि आम आदमी पार्टी ने भाजपा के साथ कोई अवसरवादी सौदा कर लिया है।