पटियाला जिले में विद्यार्थियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित करवाने के लिए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक अनूठी पहल करते हुए ‘चेतना’ और ‘पब्लिक पॉलिसी इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने इन कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुखों से अपने विद्यार्थियों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने हेतु प्रेरित करने की अपील की।
आज यहां जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि ‘चेतना’ कार्यक्रम के तहत जिले के स्कूलों के विद्यार्थियों को समूहों के रूप में जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर सरकारी कार्यालयों एवं सेवा केंद्रों से प्रशासनिक सेवाएं सरल तरीके से प्राप्त करने के लिए जागरूक एवं सक्षम बनाना है।
इसके अलावा तहसील, आर.टी.ओ. कार्यालयों तथा पुलिस थानों आदि के भी संपर्क दौरे करवाए जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि ‘पब्लिक पॉलिसी इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के तहत स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थी जिला प्रशासन के साथ जुड़कर 3 माह की इंटर्नशिप करेंगे।
इसके अंतर्गत वे अपनी पसंद के किसी भी विभाग की कार्यप्रणाली को समझने के साथ-साथ उसे अधिक सुचारू एवं जनहितैषी बनाने तथा कार्यक्षमता में सुधार हेतु अपने सुझाव भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को जिला मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षरों सहित प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे तथा वे स्वयं भी इन विद्यार्थियों से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आगे बताया कि वर्तमान समय में नवजात बच्चों एवं प्रसव उपरांत माताओं की देखभाल के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की काफी मांग है। इसके लिए जिले में महिला उम्मीदवारों को जापा मेड का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के जी.एम. को निर्देश दिए कि पटियाला सहित आसपास के जिलों के उद्योगों की मांग के अनुसार जिले की आई.टी.आई. एवं तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षुओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने स्कूलों एवं कॉलेजों में पढ़ रही लड़कियों को आत्मरक्षा के तरीके सिखाने पर भी जोर दिया तथा इसके लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के नशा मुक्ति केंद्रों में उपचाराधीन व्यक्तियों को कौशलयुक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाने पर बल देते हुए कहा कि नशा छोड़ने की राह पर चल रहे व्यक्तियों का निरंतर फॉलोअप लिया जाए।
उन्होंने जिले के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों एवं कॉलेजों के मैदानों में विद्यार्थियों को सेना, बी.एस.एफ. तथा पुलिस भर्ती के लिए आवश्यक मानकों के प्रति जागरूक करने हेतु फ्लेक्स बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। डी.बी.ई.ई. द्वारा चलाए जा रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के कोचिंग सेंटर का जायजा लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस कोचिंग सेंटर की कक्षाओं को नियमित बनाकर दीर्घकालिक बेहतर परिणाम प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
उन्होंने ब्यूरो की अन्य गतिविधियों एवं परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो की सेवाओं का लाभ जिले के प्रत्येक युवा विद्यार्थी तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर मेजर हरप्रीत सिंह मानशाहिया, जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. प्रितपाल सिंह सिद्धू सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के प्रिंसिपल एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।