जिला चंडीगढ़ में चल रही जनगणना प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के लिए उपायुक्त, चंडीगढ़ की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी दस चार्ज अधिकारी तथा संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जो जनगणना कार्यों की योजना एवं क्रियान्वयन से सीधे जुड़े हुए हैं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्थिति का आकलन करना, कमियों एवं चुनौतियों की पहचान करना तथा जनगणना से संबंधित सभी तैयारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि सुपरवाइजर एवं एन्यूमरेटर के लिए प्रशिक्षण सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रभावी ढंग से संचालित हो रहे हैं तथा अधिकांश प्रतिभागी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। हालांकि, 59 प्रशिक्षुओं की अनुपस्थिति की भी जानकारी दी गई। इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण उपस्थिति की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी 59 अनुपस्थित प्रशिक्षुओं को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं तथा संबंधित नियमों के अनुसार उनके विरुद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा स्व-गणना (Self Enumeration) में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सुझाव दिया कि चंडीगढ़ प्रशासन के सभी सरकारी कार्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि इन शिविरों का समुचित समन्वय एवं संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर आसानी से अपनी स्व-गणना पूर्ण कर सकें। साथ ही, उन्होंने सभी विभागों से अपने कर्मचारियों को इस दिशा में प्रेरित एवं मार्गदर्शन देने का आह्वान किया, ताकि वे आम जनता के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।
उपायुक्त ने जनगणना के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने हेतु एक सशक्त एवं व्यापक सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया, सिनेमा हॉल एवं प्रिंट मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों का उपयोग कर अधिकतम जनसंपर्क सुनिश्चित करने की सलाह दी।
साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए नवाचारी एवं लक्षित संचार रणनीतियां अपनाने पर बल दिया, ताकि जनगणना प्रक्रिया में अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।