गिद्धों की गतिविधियोंको कैमरे में कैद किया जाएगा। लुप्त हो रही इस प्रजाति के संरक्षण को लेकर वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट इनकी गतिविधियोंपर नजर रखने के साथ-साथ इनकी संख्या का भी पता लगाएगा। विभाग द्वारा यह पता लगाया जाएगा कि जिला में इन गिद्धोंकी संख्या कितनी है तथा यह कौन से मौसम में यह प्रजाति अंडे देती है। इससे लुप्त हो रहे इस प्रजाति के संरक्षण में विभाग को काफी सहायता मिलेगी। जानकारी के अनुसार गिद्धोंकी गणना को वन्य प्राणी विभाग विशेष अभियान छेड़ेगा। इसके तहत विभाग ने जिला के कुछ क्षेत्रों का चयन कर लिया है, जहां पर इनकी गणना की जाएगी। इसके तहत विभाग ने जिला में पांच से छह जंगलोंका चयन किया है, जहां पर गिद्धोंके घोंसलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जगाएंगे। इस आशय की पुष्टि करते हुए वाइल्ड लाइफ धर्मशाला सर्किल मुख्य अरण्यपाल सुरेश कुमार ने बताया कि गिद्धोंकी गतिविधियोंव इनकी गणना को लेकर विभाग द्वारा योजना तैयार की गई है। इसके तहत विभाग द्वारा सहायक अरण्यपाल डीएस डढवाल की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया है, जो उक्त योजना के तहत कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि इसमें चीड़ के पेड़ों के विशेषज्ञों की भूमिका अधिक रहेगी। इसके अलावा विभाग द्वारा चिन्हित किए गए इन जंगलोंमें लोगों की आवाजाही बंद रहेगी। इसके चलते क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति पेड़ों की टहनियों की छंटाई भी नहीं कर सकेगा। उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा पौंग डैम में इस प्रजाति के लिए वल्चर रेस्टोरेंट की भी व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र में मृत पशुओं को खाने के लिए आने वाले इस प्रजाति के पक्षियों की विभाग द्वारा गणना की जाएगी। इसके लिए विभाग द्वारा पौंग डैम में चिन्हित क्षेत्र में मृत पशु फेंकने वालों को 200 रुपए भी दिए जाएंगे। लिहाजा वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट द्वारा जिला में शुरू किए जाने वाले इस अभियान से इस प्रजाति की संख्या का पता चल जाएगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि जिला में इनकी कितनी संख्या है तथा इनके बचाव के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं। इससे कि लुप्त हो रही इस प्रजाति का संरक्षण किया जा सके।