पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने घोड़ों की पारंपरिक पंजाब नस्ल को संरक्षित और आगे बढ़ाने पर जोर दिया। पंजाब के राज्यपाल पटियाला में आयोजित घोड़ों की पंजाब नस्ल के तीन दिवसीय हेरिटेज शो के विजेताओं को पुरस्कार वितरित करने पहुंचे थे। श्री गुलाब चंद कटारिया ने शो के मुख्य आयोजक प्रो. सुमेर सिंह सीड़ा को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे शो आयोजित करना जहां हमारी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, वहीं हमारी नई पीढ़ी को भी घोड़ों की पारंपरिक और विरासती पंजाब नस्ल से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
श्री कटारिया ने महाभारत, अश्वमेध यज्ञ, महाराणा प्रताप, शिवाजी सहित अन्य ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि घोड़ा आदिकाल से ही मनुष्य का युद्धों और सामान्य समय दोनों में वफादार साथी रहा है। उन्होंने कहा कि अपने अतीत को जानना वर्तमान और भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि वह पहली बार घोड़ों के ऐसे किसी शो में पहुंचे हैं और यहां आकर यह अनुभव होता है कि भारत का अतीत बहुत गौरवशाली रहा है, क्योंकि घोड़े का स्वामित्व शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक रहा है, जबकि सेना और पुलिस के घोड़े कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज घोड़ों की कई नस्लें लुप्त हो रही हैं, इसलिए पंजाब समेत काठियावाड़ जैसी पारंपरिक नस्लों को संरक्षित करने की बहुत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि घोड़े अपने पालक, मालिक और सवार की रक्षा और सहायता के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर देते हैं। वहीं घोड़ों के पालक भी उनकी देखभाल अपने बच्चों की तरह करते हैं। हालांकि आज के समय में यह शौक काफी महंगा हो गया है, लेकिन घोड़ों की कीमतें भी करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी हैं।
घोड़ा पालकों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि घोड़े पालना एक बड़ी साधना होने के साथ-साथ एक अच्छा व्यवसाय भी है। पंजाब के राज्यपाल इस शो को देखकर काफी प्रसन्न हुए। शो के मुख्य आयोजक प्रो. सुमेर सिंह सीड़ा ने बताया कि इस शो में पंजाब भर से पंजाब नस्ल के घोड़े भाग ले रहे हैं।
प्रो. सीड़ा ने कहा कि उनका लक्ष्य और मिशन पंजाब नस्ल को बचाना है, जिसके लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे हैं। डॉ. रमिंदर कौर सीड़ा ने मंच से राज्यपाल श्री कटारिया और समस्त संगत का धन्यवाद भी किया। इससे पहले शो के अध्यक्ष प्रो. सुमेर सिंह सीड़ा, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी सिमरनजीत सिंह बिल्ला और पूरी टीम ने राज्यपाल के आगमन पर उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर बाबा जोरा सिंह तलवंडी साबो, डॉ. शमशेर सिंह फिरोजपुर, बाबा चेता सिंह तलवंडी, दीप सिंह सांघण, अमरिंदर सिंह पमाल, भगत माहल, रबू, अमनदीप सिंह चहल, कुलवंत सिंह होशियारपुर, प्रीतइंदर सिंह सिद्धू, गुरबख्श सिंह (डायरेक्टर दशमेश कंबाइन्स एंड लैंड फोर्स) , जसबीर सिंह जस्सी, संदीप सिंह रंधावा, के.बी.एस. सिद्धू, सुनील कुमार राजपुरा आदि को भी सम्मानित किया गया।