अक्षर पटेल मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं। टीम के लिए जब और जिस फॉर्मेट में मौका मिला है, गेंद और बल्ले से पटेल ने मैच विजयी प्रदर्शन किया है। अक्षर पटेल बचपन से क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय खेल का बड़ा ऑलराउंडर बना दिया। भारत में क्रिकेट किसी भी खेल से ज्यादा लोकप्रिय है, और 10 में से 9 बच्चे इसी खेल में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
20 जनवरी 1994 को आनंद, गुजरात में जन्मे अक्षर पटेल की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। अक्षर स्कूल में पढ़ाई को लेकर गंभीर थे और बड़े होकर इंजीनियर बनना चाहते थे। हालांकि क्रिकेट वे खेलते जरूर थे। 15 साल की उम्र में उनके एक दोस्त ने क्रिकेट की उनकी प्रतिभा को देखते हुए इस खेल में आगे बढ़ने की सलाह दी, और इस सलाह को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए क्रिकेट पर मेहनत शुरू कर दी।
स्थानीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद फरवरी 2012 में लिस्ट ए और नवंबर 2012 में गुजरात के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया।बाएं हाथ के स्पिनर और बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज अक्षर पटेल ने घरेलू क्रिकेट में 2 साल के शानदार प्रदर्शन के बाद जून 2014 में वनडे और जुलाई 2017 में टी20 में भारत के लिए डेब्यू किया। दोनों ही मौकों पर भारत के कप्तान एमएस धोनी थे। धोनी ने ही अक्षर को बापू नाम दिया था।
वनडे और टी20 की अपेक्षा टेस्ट में डेब्यू के लिए अक्षर पटेल को लंबा इंतजार करना पड़ा। फरवरी 2021 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था, और 3 मैचों की इस सीरीज में उन्होंने 27 विकेट लेकर अपनी क्षमता साबित कर दी।मौजूदा समय में अक्षर तीनों ही फॉर्मेट का अहम हिस्सा हैं। वर्क लोड मैनेजमेंट के तहत उन्हें कभी-कभी आराम दे दिया जाता है, लेकिन किसी भी बड़े इवेंट में बीसीसीआई अक्षर को नजरअंदाज नहीं कर सकती है।
टी20 विश्व कप 2024 में भारत को जीत दिलाने में अक्षर की भूमिका अहम रही थी। फाइनल में 34 रन पर तीन विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही भारतीय टीम के लिए अक्षर ने विराट के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी की। पटेल ने 31 गेंद पर 4 छक्कों की मदद से 47 रन की पारी खेली थी, जो अंत में जीत के लिए बेहद अहम साबित हुई। टी20 विश्व कप 2026 में भी अक्षर पटेल की भूमिका गेंद और बल्ले से काफी अहम होने वाली है।
अक्षर को अब तक उनकी क्षमता के मुताबिक मौके नहीं मिले हैं। पिछले पटेल ने 15 टेस्ट में 4 अर्धशतक की मदद से 688 रन बनाने के साथ ही 57 विकेट लिए हैं। 71 वनडे की 49 पारियों में 3 अर्धशतक लगाते हुए 858 रन और 75 विकेट, 85 टी20 मैचों की 52 पारियों में 681 रन और 82 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। अगले 4 से 5 साल में अक्षर पटेल भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में सबसे अहम खिलाड़ी साबित होने वाले हैं।