पटियाला की उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने पतंगबाजी के लिए प्रयुक्त होने वाले प्रतिबंधित चाइनीज मांझे (चाइना डोरी) की स्टोरेज, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने को सुनिश्चित बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि यह चाइना डोर मानवीय जीवन, पशुओं और पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन रही है, जिसके लिए इसकी रोकथाम हेतु सख्त कदम उठाना जरूरी है।
अतिरिक्त उपायुक्त सिमरप्रीत कौर, एसडीएमज, डीएसपीज और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले के किसी भी हिस्से में पाई गई किसी भी उल्लंघना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कुताही या कार्रवाई न करने के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डॉ. प्रीति यादव ने जोर देकर कहा कि प्रतिबंधित चाइनीज डोर के उपयोग से कई गंभीर हादसे हुए हैं, जिसके कारण पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों, दोपहिया वाहन चालकों, पक्षियों और पशुओं को गंभीर चोटें लगी हैं और यहां तक कि जानें भी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी हालात में इस प्रतिबंधित डोर की स्टोरेज, बिक्री या उपयोग के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम पहले ही स्थापित किया गया है, जिसके नंबर 0175-2358550 पर आम लोग प्रतिबंधित चाइनीज डोर की बिक्री या उपयोग, डोर को पेड़ों पर लटके देखने या इसके कारण हुए हादसों से संबंधित घटनाओं की जानकारी साझा कर सकते हैं। उन्होंने सभी एसडीएमज और डीएसपीज को जिले भर में नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे रोजाना रिपोर्टें देने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने आम लोगों, खासकर पतंग उड़ाने वालों से अपील की कि वे, जनता की सुरक्षा के मदेनजर तथा बच्चों, पशुओं और पक्षियों को किसी संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रतिबंधित चाइनीज डोर के उपयोग से गुरेज करें।