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अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस विजन के तहत आयोजित यह वार्षिक सम्मेलन उभरते खतरों से निपटने का प्लेटफॉर्म बना है

Amit Shah, Union Home Minister, BJP, Bharatiya Janata Party, Minister of Cooperation, Nityanand Rai, Anti Terrorism Conference 2025
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नई दिल्ली , 26 Dec 2025

Last updated on: Dec 27, 2025, 13:43 IST

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘आतंकवाद निरोधी सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। गृह मंत्री ने NIA द्वारा अपडेट किए गए अपराध मैनुअल, हथियार ई-डेटाबेस और संगठित अपराध नेटवर्क डेटाबेस की भी शुरुआत की। 

सम्मेलन में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय और श्री बंडी संजय कुमार, केन्द्रीय गृह सचिव, महानिदेशक, NIA और सचिव, Research & Analysis Wing सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद विरोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों/विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक, प्रौद्योगिकी जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। 

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस विजन के तहत आयोजित यह वार्षिक सम्मेलन उभरते खतरों से निपटने का प्लेटफॉर्म बना है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 साल में हम इस कॉन्फ्रेंस को वार्षिक परंपरा बनाने की दिशा में आगे बढ़े हैं। 

श्री शाह ने कहा कि यह सम्मेलन मात्र एक चर्चा का फोरम नहीं है बल्कि यहां कुछ एक्श्नेबल पाइंट्स निकलते हैं और उनके क्रियान्वयन की दिशा में NIA और राज्यों की सभी संबंधित एजेंसियां लगातार सालभर काम करती हैं। इससे हम देश में एक मज़बूत आतंकवाद विरोधी ग्रिड बनाने में सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारत की सुरक्षा का संकल्प दोहराने का माध्यम मात्र नहीं है। 

श्री शाह ने कहा कि सभी एजेंसियां देश और दुनिया में जितनी भी आतंकी घटनाएं हुई हैं, उनका विश्लेषण कर हमारी आतंकवाद निरोधी क्षमता को और बढ़ाएं। गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया में अब तकनीक के साथ-साथ आतंकी घटनाओं में तकनीक के उपयोग के कारण आतंकवाद का परिदृश्य भी बदल रहा है और हमें भी इसकी रोकथाम के लिए तैयारी करनी होगी। 

उन्होंने कहा कि भविष्य की दृष्टि से अदृश्य चुनौतियों को परखना और उनकी रोकथाम करने का राष्ट्रीय दायित्व इस सम्मेलन का है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज यहां पर तीन नई शुरूआत हुई हैं। आज यहां एनआईए द्वारा अपडेट किए गए अपराध मैनुअल का विमोचन हुआ है। उन्होंने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से अनुरोध किया कि वे अपने यहां एक टीम बनाकर जांच और अभियोजन के लिए इस मैनुअल की स्टडी ज़रूर कराएं। 

श्री शाह ने कहा कि आज यहां आयुध ई-डेटाबेस की शुरूआत हुई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज संगठित अपराध नेटवर्क पर भी एक डेटाबेस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध नेटवर्क शुरूआत में तो फिरौती और उगाही के लिए काम करते हैं लेकिन जब इनके सरगना विदेशों में जाकर बैठ जाते हैं तो वे अपने आप आतंकवादी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं और फिरौती और धन उगाही का उपयोग देश में आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं। 

श्री शाह ने कहा कि हर राज्य को एनआईए और सीबीआई के तत्वाधान में आईबी का सहयोग लेकर और इस डेटाबेस का उपयोग कर अपने यहां इसे समाप्त करना है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बैसरन गाटी का हमला देश को झंझोड़ देने वाला था। इस हमले से आतंकवादी देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और कश्मीर में शुरू हुए विकास के नए युग और पर्यटन को झटका देना चाहते थे। 

उन्होंने कहा कि तीनों आतंकियों को बहुत सटीक आसूचना के आधार पर हमारी फोर्सेस ने न्यूट्रलाइज़ कर पाकिस्तान को कठोर संदेश देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें आतंकी घटना की प्लानिंग करने वालों को हमने ऑपरेशन सिंदूर से दंडित किया और जिन्होंने उनके हथियार बन इस घटना को अंजाम दिया उन्हें ऑपरेशन महादेव से न्यूट्रलाइज़ करने का काम किया। 

गृह मंत्री ने कहा कि दोनों छोर पर भारत सरकार, भारतीय सुरक्षाबलों और भारतीय जनता का एक मज़बूत मुंहतोड़ जवाब पाकिस्तान के आतंकी आकाओं को देने का काम हमारे सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों ने किया है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने पहलगाम आतंकी हमले का एक कंम्प्लीट और सफल इन्वेस्टिगेशन किया है जिसे पूरी दुनिया की एजेसियां आने वाले दिनों में स्टडी करेंगी। 

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की जांच के नतीजे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करेंगी। श्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में हुए धमाके की जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बहुत अच्छी जांच की है। इस पूरे नेटवर्क की जांच करने का काम हमारी सभी एजेंसियों ने बहुत अच्छे तरीके से किया। श्री शाह ने कहा कि पहलगाम और दिल्ली विस्फोट मामलों की जांच सामान्य पुलिसिंग नहीं बल्कि वाटरटाइट इन्वेस्टिगेशन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। 

यह इस बात का भी एक बहुत बड़ा उदाहरण है कि सदैव जागरूक रहकर कोई अधिकारी किस प्रकार देश को इतने बड़े संकट से बचा सकता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने डीजीपी कॉन्फ्रेंस, सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी कॉन्फ्रेंस, एनकॉर्ड बैठकों और एंटी-टेरर कॉन्फ्रेंस के बीच कोऑर्डिनेशन, कोऑपरेशन और कम्युनिकेशन के एक नए मापदंड को स्थापित किया है। 

उन्होंने कहा कि इन चार स्तंभों को हम आइसोलेशन में नहीं देख सकते, इनके बीच में एक कॉमन लाइन आतंकवाद निरोधी सम्मेलन की है। श्री शाह ने कहा कि एनआईए ने बहुत मेहनत कर एक कॉमन ATS स्ट्रक्चर बनाकर राज्यों की पुलिस को भेजा है। उन्होंने कहा कि जब हम पूरे देश का कॉमन एटीएस स्ट्रक्चर बनाते हैं, तब हर लेयर पर समान तैयारी का हमें मौका मिलता है। 

देशभर की पुलिस के लिए एक कॉमन एटीएस स्ट्रक्चर बहुत ज़रूरी है और सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को इसका जल्द से जल्द अनुपालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों की ATS को NIDAAN और NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में NIDAAN और NATGRID का उपयोग करने से सिर्फ केस आइसोलेशन में इन्वेस्टिगेट नहीं होता बल्कि केस के अदृश्य लिंक भी सामने आते हैं। 

उन्होंने कहा कि कुछ प्रकार के इन्वेस्टिगेशन में नेटग्रिड और कुछ प्रकार के केसों में निदान का उपयोग अनिवार्य करना चाहिए। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मल्टी एजेंसी सेंटर और नेशनल मेमोरी बैंक में सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉमन एटीएस स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल यूनिफॉर्मिटी आतंकवादियों को प्रॉसीक्यूट करने में हमें फायदा देती है। 

जब तक हम ऑपरेशनल यूनिफॉर्मिटी नहीं लाते तब तक हम खतरे का सही आंकलन, इंटेलीजेंस शेयरिंग का सही उपयोग और कोऑर्डिनेटेड काउंटर एक्शन नहीं ले सकते। श्री शाह ने कहा कि हमें जांच से लेकर अभियोजन और काउंटर एक्शन तक यूनिफॉर्मिटी को सुनिश्चित करना है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अर्थतंत्र है। 

हिन्द महासागर के कारण हमारा जियो-पोलिटिकल स्थान भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, हमारी समस्याएं भी उसी अनुपात में बढ़ेंगी। देश का अर्थतंत्र जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, हमें हमारी सजगता और बढ़ानी पड़ेगी। श्री शाह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियां हमारी सीमाओं से शुरू नहीं होती हैं, बल्कि सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारी हमें कई मील दूर से शुरू करनी पड़ेगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि साइबर एवं सूचना का प्रसार युद्ध, आर्थिक नेटवर्क का दुरुपयोग और आतंकवाद के हाइब्रिड फॉर्मैट के लिए हमें राष्ट्रीय ग्रिड के तौर पर एक सजग और तत्काल परिणामलक्षी कार्यवाही करने वाला सुदृढ़ तंत्र विकसित करना होगा और यह ऐसे सम्मेलनों से ही हासिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि मल्टी-लेयर सिक्युरिटी मॉडल बनाना और आतंकवाद के खिलाफ Ruthless Approach के साथ काम करना, यही हमें आने वाले दिनों में सुरक्षित रख सकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि सभी को Need to Know की जगह ड्यूटी टू शेयर के सूत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि केन्द्र की एजेंसियों और राज्यों की पुलिस ने अपने-अपने स्तर पर टेक्नॉलजी का अच्छा इस्तेमाल किया है, लेकिन Silos में डेवलप की हुई टेक्नॉलजी और एकत्र किया हुआ डेटा बिना गोली के बंदूक की तरह है। 

अगर सारे डेटा एक-दूसरे से संवाद करें और उन्हें एक ही टेक्नॉलजी से बनाया गया हो तो बेहतर है। इसके लिए गृह मंत्रालय, एनआईए और आईबी को चर्चा कर राष्ट्रीय स्तर पर टेक्नॉलजी और डेटा का एक निर्बाध ढांचा विकसित करना चाहिए और राज्यों को इसे मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए। श्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवादियों और अपराधियों के डेटाबेस को ज़ीरो टेरर का कोर असेट बनाना चाहिए। 

राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से अपेक्षा है कि वे इस डेटाबेस के प्रारूप का शब्दशः क्रियान्वयन करेंगे। श्री शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहार करने की योजना ल रहे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि Trial-in-Absentia से जुड़े विवादों से डरे बिना इसे आगे बढ़ाना है। इससे भगोड़े देश लौटने को मजबूर होंगे। 

श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सारी एजेंसियां और राज्यों की पुलिस से मिलकर एक ऐसी ‘टीम इंडिया’ बने जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रभावी तरीके से काम करे। उन्होंने दोहराया कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, हमारी चुनौतियाँ बढ़ती जाएंगी। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि देश और अधिकारियों की आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक ऐसा मजबूत आतंकवाद निरोधी ग्रिड बनाए जिससे वे आने वाली चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें।

 

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