अगली सरकार की सत्ता की चाबी अगर निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथ आई तो भाजपा.कांग्रेस दोनों ही दलों को आसमान के तारे देखने पड़ सकते हैं। लटके विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच निर्दलीय प्रत्याशियों की हो रही अलग.अलग बैठकें हडक़ंप मचाने वाली हैं। दोनों ही दलों के बागियों ने सियासी दलों को सशर्त समर्थन देने की गोपनीय रणनीति बनाई है। इसके तहत मुख्यमंत्री भी उनकी मर्जी का होगा और उपमुख्यमंत्री निर्दलीय उम्मीदवारों में से होगा। इसके अलावा सभी निर्दलीय पसंदीदा मंत्री पद लेंगे। रोचक है कि सभी बागी प्रत्याशी इस रणनीति के तहत एकजुट हो गए हैं। भाजपा के बागी उम्मीदवारों में सुजानपुर से राजेंद्र राणाए नूरपुर से राकेश पठानियाए कांगड़ा से पवन काजलए भटियात से भूपिंद्र चौहानए जवाली से संजय गुलेरियाए सुंदरनगर से रूप सिंह ठाकुरए इंदौरा से मनोहर धीमानए जयसिंहपुर से रवि धीमान तथा फतेहपुर से सुधा सुशांत को सशक्त उम्मीदवार आंका गया है। अनुमान है कि इनमें से कुछेक बागी जीत की क्षमता रखते हैं और कइयों में जीत.हार के समीकरण बिगाडऩे का माद्दा है। पुख्ता सूचना के अनुसार भाजपा के बागी नेताओं ने अलग.अलग बैठकें करके अपनी आगामी रणनीति तैयार कर ली है। इसके तहत इन्होंने योजना बनाई है कि अगली सरकार संभवतरू निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से ही बनेगी। ऐसी नौबत आने पर भाजपा का अगला मुख्यमंत्री इनकी पसंद का ही होगा। एकजुट हुए उक्त बागी नेताओं ने यह प्लानिंग भी की है कि प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री पद भी इन्हीं निर्दलीय उम्मीदवारों में से लिया जाएगा। अन्य जीतने वाले निर्दलीय विधायकों को उनकी पसंद के विभागों के मंत्री पद दिलवाए जाएंगे। भाजपा के अलावा कांग्रेस के भी बागी कांगड़ा तथा कुल्लू में हडक़ंप मचाए हुए हैं। कुल्लू जिला के मनाली से धर्मवीर धामीए ईश्वर दास तथा लता ठाकुर को दमदार उम्मीदवार आंका गया है। उक्त प्रत्याशी भी जीत की क्षमता या समीकरण बिगाडऩे का माद्दा रखते हैं। इसके अलावा कांगड़ा जिला के देहरा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे योगराज ने भी भाजपा.कांग्रेस के चुनावी नतीजे प्रभावित करने का स्पष्ट संकेत दिया है। सूचना के अनुसार कांग्रेस के बागी नेता भी सशर्त समर्थन देने की रणनीति बना चुके हैं।