पंजाब में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उत्पन्न हुई स्वास्थ्य चुनौतियों और अभी भी कुछ इलाकों के पानी में डूबे होने के कारण सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी, मोहाली और नव भारत मिशन फाउंडेशन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। दुख की इस घड़ी में, नव भारत मिशन फाउंडेशन ने सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी के सहयोग पंजाब के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आकर अपने साथी पंजाबियों की सेवा में योगदान दिया है।
इस अभियान की शुरुआत सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर रछपाल सिंह धालीवाल के नेतृत्व में हुई, जिसके तहत राशन किट, मेडिकल किट और स्वयंसेवकों की टीमों से भरी बसें बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हुईं। ये राहत कार्य डेरा बाबा नानक, गुरदासपुर के गाँवों जैसे तलवंडी हिंदूआना, धरमाबाद, खन्ना चामियारा, महल नंगल, गोला ढोला, रतड़ छत्तड़, मंसूर और पट्टी अब्दाल से शुरू हुए, जो सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं।
यहां प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे इस भयानक आपदा से उबर सकें। इस मानवीय मिशन में छात्र और फैकल्टी स्वयंसेवक भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, और उनकी सेवा और समर्पण की भावना जमीनी स्तर पर एक सकारात्मक बदलाव ला रही है।
राहत सामग्री वितरित करते हुए, चांसलर एस. रछपाल सिंह धालीवाल ने पंजाब की भलाई के लिए प्रार्थना की और कहा कि इस प्राकृतिक आपदा ने पंजाब के एक बड़े हिस्से को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं, उनका रोजगार छिन गया है और वे स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
इन चुनौतियों को देखते हुए, यूनिवर्सिटी और फाउंडेशन ने तत्काल सहायता प्रदान करने और समुदाय को फिर से मजबूत करने के लिए एक व्यापक राहत अभियान शुरू किया है। चांसलर धालीवाल ने आगे कहा कि यह पहल सिर्फ एक राहत कार्य नहीं है, बल्कि सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी, मोहाली के सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों का प्रतीक है।
यह यूनिवर्सिटी के मिशन को दर्शाता है कि हम न केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित हैं, बल्कि जरूरत के समय में हम समुदाय के लिए एक ताकत के स्तंभ के रूप में खड़े हैं। जैसे-जैसे पंजाब पुनरुद्धार की राह पर आगे बढ़ रहा है, हम खुले दिल और मददगार हाथों के साथ एकजुट होकर खड़े हैं, जीवन को फिर से बनाने, उम्मीद बहाल करने और एक साथ मजबूत होने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी के प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पंजाब में बाढ़ से हुए नुकसान को भरने में बेशक समय लगेगा, लेकिन इस संकट की घड़ी में हमें एक संस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि सेवा के लिए समर्पित एक परिवार के रूप में एक साथ आना चाहिए।
एम.डी. अर्श धालीवाल ने आगे कहा कि सी.जी.सी. परिवार हमेशा बेहतरीन शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। एस. रछपाल सिंह धालीवाल के नेतृत्व में की गई यह पहल मानवता की सेवा के साथ-साथ छात्रों को समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के बारे में जागरूक करती रहेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने भी राहत सामग्री के वितरण में भाग लिया।