यूटी चंडीगढ़ की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति की 4वीं समीक्षा बैठक 31 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में गृह सचिव, वित्त सचिव, सचिव (विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा), सचिव इंजीनियरिंग, सचिव परिवहन तथा चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में ईवी को अपनाने की गति बढ़ाने, मौजूदा नीति ढांचे को सशक्त करने और वित्त वर्ष 2025–26 के लिए यूटी में 18% ईवी पैठ का लक्ष्य प्राप्त करने पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
यूटी इलेक्ट्रिक वाहन सलाहकार समिति द्वारा ईवी नीति में संशोधन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों के आधार पर निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
1. इलेक्ट्रिक चार-पहिया (व्यक्तिगत) वाहनों की सीमा में वृद्धि: नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन के लिए पात्र इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहनों की सीमा को 2,000 से बढ़ाकर 3,500 किया जा सकता है, जिससे नागरिकों की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखा जा सके।
2. इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों के लिए बीमा सहायता: इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों के खरीदारों को पहले वर्ष के लिए ₹5,000 तक की बीमा सहायता प्रदान की जा सकती है, जिससे स्वामित्व की प्रारंभिक लागत कम हो सके।
3. इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन में वृद्धि: दो-पहिया ईवी के लिए प्रोत्साहन राशि ₹5,000/किलोवॉट-घंटा से बढ़ाकर ₹10,000/किलोवॉट-घंटा की जा सकती है, अधिकतम ₹30,000 प्रति वाहन तक सीमित रहेगी।
4. महिला खरीदारों के लिए विशेष प्रोत्साहन: ईवी को अपनाने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु, महिला खरीदारों को ₹12,500/किलोवॉट-घंटा की विशेष सब्सिडी दी जा सकती है, जो अधिकतम ₹37,500 प्रति वाहन तक सीमित होगी।
5. इलेक्ट्रिक साइकिलों को प्रोत्साहन: गैर-मोटर चालित और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने हेतु, ई-बाइसाइकिल की लागत का 25% (अधिकतम ₹4,000) की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 25% (अधिकतम ₹6,000) तक किया जा सकता है।
6. ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: समिति ने चंडीगढ़ के सभी क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को और विस्तार देने का निर्णय लिया, जिससे पूरे यूटी में व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।
चंडीगढ़ की स्वच्छ ऊर्जा नीति के अनुरूप, प्रशासन ने नवीकरणीय ऊर्जा आधारित चार्जिंग हब्स के विकास पर भी विशेष बल दिया, जिससे पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिल सके। ये प्रस्तावित उपाय चंडीगढ़ प्रशासन की इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि वह शहर को एक आदर्श ईवी इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने तथा स्वच्छ, हरित एवं समावेशी परिवहन समाधानों को साकार करने की दिशा में सतत रूप से कार्यरत है।