भारत जहाँ अंग प्रत्यारोपण तकनीक, संख्या और सफलता दर में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है, वहीं डोनरों की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) के अनुसार, वर्ष 2023 में भारत में अब तक के सर्वाधिक 18,378 अंग प्रत्यारोपण किए गए, जिनमें से लगभग 10% विदेशी मरीजों को किए गए थे जो इलाज के लिए भारत आए थे। जीवित अंग डोनरों में 60% से अधिक महिलाएं थीं। इसके बावजूद, हज़ारों भारतीय अंग प्रतिक्षा सूची में जीवन की दूसरी उम्मीद लिए खड़े हैं।
इसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पृष्ठभूमि में, सुधीर रीमा दीवान फाउंडेशन (SRDF) ने अपने पहले कार्यक्रम के रूप में 3 मई 2025 को हयात रीजेंसी, चंडीगढ़ में चैरिटी डिनर एवं फंडरेज़र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ज़रूरतमंद रोगियों को जीवनरक्षक प्रत्यारोपण सहायता देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
इस फाउंडेशन की स्थापना श्री सुधीर दीवान की स्मृति में की गई है, जो स्वयं एक अंग प्राप्तकर्ता थे और अंग दान के प्रबल समर्थक थे। उनकी इस प्रेरणादायक विरासत को श्रीमती रीमा दीवान और सुश्री दिव्या दीवान मेहता द्वारा मोहन फाउंडेशन के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। आज के कार्यक्रम में डीपीआई बराड़ सहित , पीजीआई के प्रोफेसर्स फोर्टिस के डॉक्टर्स व बड़ी संख्या में रोटेरियंस शामिल रहे।
कार्यक्रम में अंग प्राप्तकर्ताओं और डोनर परिवारों की प्रेरणादायक कहानियाँ, जागरूकता सत्र और डोनरों की निस्वार्थता को श्रद्धांजलि देने हेतु मोमबत्ती जलाकर विशेष श्रद्धांजलि दी गई।
फॉउंडेशन के प्रमुख उद्देश्य हैं:
• अंग दान को लेकर जागरूकता बढ़ाना और मिथकों को दूर करना
• आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को प्रत्यारोपण सर्जरी में सहायता देना
• प्रत्यारोपण के बाद की दवाइयों और देखभाल में सहयोग प्रदान करना
स्पष्ट दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ फॉउंडेशन का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति अंग की कमी के कारण अपना जीवन न गंवाए। संस्था समाज से अपील करती है कि आगे आएं, प्रतिज्ञा लें और इस नेक कार्य में भागीदार बनें — क्योंकि हर डोनर किसी के लिए जीवनदाता बन सकता है।