पंजाब स्टेट कानूनी सेवाएं अथारिटी के निर्देशों पर जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी की ओर से आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इस लोक अदालत में लोक अदालत में सिविल मामले, रेंट मामले, एम.ए.सी.टी, 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, फैमिली मैटर, लेबर मैटर्स, बैंक मामले, बिजली व पानी के बिल, ट्रैफिक चालान, कचहरी में पेंडिंग व प्री-लिटिगेटिव व अन्य मामलों का निपटारा करवाने संबंधी केस रखे गए।
जानकारी देते हुए सी.जे.एम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी श्रीमती अपराजिता जोशी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायधीश-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी श्रीमती अमरजोत भट्टी के नेतृत्व में जिले में लगाई गई लोक अदालत में कुल 30 बैंच बनाए गए। जिनमें से होशियारपुर में 15 बैंच, सब-डिविजन दसूहा में 6 बैंच, मुकेरियां में 4 व गढ़शंकर में 5 बैंचों का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों में 5714 केसों की सुनवाई हुई व 3075 केसों का मौके पर निपटारा किया गया और कुल 32,49,42,959 रुपए के अवार्ड पास किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सी.जे.एम. श्रीमती पुष्पा रानी के नेतृत्व में गठित बैंच में एक 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला को इंसाफ दिलाया गया। बलजीत कौर बनाम नवदीप बैंस केस में दूसरे पक्ष ने बुजुर्ग महिला से 15 लाख की रकम उधार लिए थे। सी.जे.एम. श्रीमती पुष्पा रानी के प्रयासों से दूसरे पक्ष को सारी रकम वापिस करने के लिए कहा गया व दूसरा पक्ष यह रकम किश्तों पर वापिस करने के लिए मान गया, इस तरह दोनों पक्षों का इस राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा करवा कर बुजुर्ग महिला को न्याय दिलाया गया।
सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट मुकेरियां श्री अमरदीप सिंह बैंस के नेतृत्व में गठित बैंच की ओर से कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से जोगिंदर कुमार बनाम हेमंत कुमार व अन्य, भारतीय दंडावली आई.पी.सी. की धारा 500 के अंतर्गत यह केस प्री-लोक अदालत में लाया गया था व प्री-लोक अदालत में सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट श्री अमरदीप सिंह बैंस के प्रयासों व गठित बैंच के दखल से दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया।
इस केस में शिकायतकर्ता जोगिंदर कुमार शर्मा(67) निवासी मेन बाजार तलवाड़ा को पूरी रकम व अंतिम अदायगी के तौर पर 5 लाख रुपए की अदायगी करवाई गई। वर्णनीय है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत वापिस लेने संबंधी अपना बयान 8 अगस्त 2022 को दर्ज करवाया था व मामला 13 अगस्त को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखा गया।
इस तरह आई.पी.सी की धारा 500 के अंतर्गत जो एक्शन प्लान(ओल्ड केस कैटागिरी) केस 2022-23 के क्रम नंबर 12 में आता है, इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटारा किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत में एस.डी.जे.एम. दसूहा श्रीमती परमिंदर कौर बैंस के नेतृत्व में गठित बैंच ने एक केस नरंजन सिंह बनाम अवतार सिंह जो कि वर्ष 2017 से संबंधित था।
इस केस में वादी की ओर से 25 अक्टूबर 2017 को बचाव पक्ष के खिलाफ सैपरेट पोजेशन एंड पार्टिशन दावा किया गया था व साथ ही अलग कब्जे की राहत की मांग करने के केस लिए दायर किया था। इस पांच वर्ष से पुराने केस को एस.डी.जे.एम. श्रीमती परमिंदर कौर बैंस के प्रयासों से दोनों पक्षों का समझौता करवा कर मौजूदा केस वापिस ले लिया गया।
इसके अलावा सिविल जज जूनियर डिविजन मुकेरियां श्री रजिंदर सिंह तेजी की ओर से गठित बैंच ने कुल 110 केसों में से 65 केसों का मौके पर निपटारा किया। स्थायी लोक अदालत(जन उपयोगी सेवाएं) की ओर से गठित बैंच में कुल 14 केसों का मौके पर निपटारा गया जो कि कुल 1,06,86,818 रुपए की सैटेलमेंट करवाई गई।
इसके साथ ही इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मौके पर जिला कचहरी होशियारपुर में चल रहे केसों में आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी की ओर से गुरु रामदास लंगर सेवा के सहयोग से बड़े स्तर पर लंगर व पानी की सेवा का प्रबंध भी किया गया था। राष्ट्रीय लोक अदालत की सेवा सुबह 10 बजे से लेकर सांय 4 बजे तक चलती रही। लोगों की सुविधा को देखते हुए पुलिस फोर्स की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
श्रीमती अपराजिता जोशी ने लोगों को अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक केसों को लोक अदालत में लगाएं, जिससे समय व धन दोनों की बचत होती हैं। उन्होंने कहा कि इन लोक अदालतों के फैसले को दीवानी डिक्री की मान्यता प्राप्त है। लोक अदालत में फैसला होने के बाद केस में लगी सारी कोर्ट फीस वापिस मिल जाती है।
उन्होंने कहा कि लोग अधिक से अधिक केसों के निपटारा इन लोक अदालतों के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में हुए फैसले की कोई भी अपील नहीं होती व इसका फैसला अंतिम होता है। उन्होंने बताया कि अगली लोक अदालत 12 नवंबर को लगाई जाएगी।