बाहरा हसपताल की ओर से कयूनिटी मैंबरों को एमरजैंसी रिस्पोंस सिखलाई प्रदान करने वाली एक सामाजिक पहलकदमी की शुरूआत की गई है॥ इस सबंधी जानकारी देते बाहरा हसपताल के मय कार्यकारी अधिकारी डा. अजय अंगीरीश ने बताया कि स्त्रभ् रजिस्टर्ड प्रैकटीशनरों को मैडीकल ऐमरजैंसी रिसपांडर के तौर पर पहले ही सिखलाई दी जा चुक्की है।
उन्होंने कहा कि बाहरा हस्पताल के भ् किलोमीटर के दायरे में समाज के मैंबर सिखलाई के लिए अपने आप को रजिसटर कर सकते हैं। इस मौके बाहरा हसपताल के प्रमोटर गुरविन्दर सिंह बाहरा, जो रयात बाहरा यूनीवरसिटी के चांसलर वी हैं, ने कहा कि यह सामाजिक उपराला लगातार जारी रहेगा और सिखलाई की तरीकों का समय-समय पर एलान किया जाएगा। अध्यापक, जिंम ट्रेनर, विद्यारथी और अन्य क्षेत्रों के लोग एक दिन की सिखलाई के लिए रजिसटर कर सकते हैं।
इस सबंधी पहला सिखलाई प्रोगराम छाती के माहिर और गंभीर रोगों की देखभाल विभाग के मुखी डाकटर कीरत कौर सीबिया, एमरजैंसी सेवाओं के मुखी डा. गुरविन्दर सिंह की ओर से लगाया गया। इस दौरान डा. सीबिया ने कहा कि स्त्र प्रतीशत दिल के दौरे हस्पताल से बाहर होते हैं और दिल के खून को पप करने से बन्द करने के पहले पन्दरां मिनट सबसे महवपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि एमरजैंसी रिसपांडरज़ को कदम-दर-कदम सिखलाई दी जाती है कि ऐसी एमरजैंसी स्थिती में या करना चाहिए। उन्होंने यह वी कहा कि एमरजैंसी रिसपांडरज़ को यह पता होना चाहिए कि ऐमरजैंसी सेवाओ तक पहुंचने और संभालने तक मरीज़ को कैसे सुरक्षित रखना है॥