रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के ईसीई/ईई विभाग तथा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पॉलिटेक्निक के फैकल्टी सदस्यों ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (आईआईटी दिल्ली) में आयोजित एक प्रतिष्ठित सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में भाग लिया। यह पहल समूह के वाइस चेयरमैन गुरिंदर सिंह बाहरा और वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें डीन इंजीनियरिंग प्रो. (डॉ.) अनमोल गोयल तथा प्रिंसिपल पॉलिटेक्निक एवं ईसीई/ईई विभागाध्यक्ष इंजीनियर सोनल सूद का शैक्षणिक मार्गदर्शन शामिल रहा।
एफडीपी के पहले चार दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने आईआईटी दिल्ली के जीवंत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और अनुसंधान-आधारित शिक्षण वातावरण का गहन अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत मेकरस्पेस प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण से हुई, जिसमें सीएडी, 3डी प्रिंटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, लेजर कटिंग, सीएनसी रूटिंग तथा समस्या-खोज तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
इसके पश्चात आयोजित सत्रों में डिज़ाइन थिंकिंग के मूलभूत सिद्धांतों पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सत्रों में सहानुभूति , उपयोगकर्ता अनुसंधान , समस्या की परिभाषा तथा रचनात्मक विचार-सृजन को प्रमुखता से समझाया गया। फैकल्टी सदस्यों ने सिस्टम थिंकिंग, उत्पाद डिज़ाइन, परियोजना विकास तथा लो-फिडेलिटी और हाई-फिडेलिटी प्रोटोटाइपिंग विधियों का भी अध्ययन किया।
चौथे दिन का समापन उपयोगकर्ता परीक्षण, प्रोटोटाइप सुधार, अंतिम प्रस्तुतियों तथा विशेषज्ञ चर्चाओं के साथ हुआ। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को नवाचार, डिज़ाइन-आधारित शिक्षण तथा उद्योगोन्मुखी कौशल विकास के नवीनतम आयामों से परिचित कराया, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यों को और अधिक प्रभावी बना सकेंगे