खरड़ विधानसभा के अधीन आने वाले गांव चूहड़ माजरा में स्थित गुरूद्वारा साहिब से एक समाध को हटाए जाने का मामला काफी गरमा गया है। गांव में लगातार किए जा रहे अंध विश्वास के प्रचार-प्रसार को रोकने के लिए गुरूद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी के मैंबर, एसजीसीपी मैंबर गुरूद्वारा अंब साहिब मोहाली और अत्याचार एवम भ्रष्टाचार फ्रंट पंजाब के प्रधान ने संयुक्त तौर पर आयोजित एक प्रैसवार्ता में बताया कि गांव के पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह और मोहाली प्रशासन की दखल अंदाजी के चलते गांव का माहौल खराब हो रहा है।
इसलिए गुरूद्वारा साहिब के अंदर किसी भी कीमत में समाध को नहीं रहने दिया जाएगा क्योंकि जगह गुरूद्वारा साहिब की है। मोहाली आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान एसजीपीसी मैंबर गुरूद्वारा अंब साहिब प्रचारक भाई गुरपाल सिंह तिम्मोवाल और गांव चूहड माजरा के लोग जिनमें अमरजीत सिंह पूर्व सरपंच,गुरमीत सिंह गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी मैंबर,जसवीर सिंह मैंबर,सुखदेव सिंह पंच,गुरप्रीत सिंह,मंदीप सिंह, गुरमेल सिंह,अमरीक सिंह,सुखदीप सिंह,सतविंदर सिंह,गुरिंदर सिंह,गुरिंदर कौर,हरजीत कौर,राजविंदर कौर,गुरप्रीत कौर, बलजीत कौर, हरविंदर कौर, तरजोत कौर, गुरलीन कौर के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि समाध को हटाए जाने को लेकर जो भी कार्रवाही की गई है उसे अकाली तख्त से आदेश मिलने के बाद मर्यादा अनुसार किया गया है। इस दौरान भाई गुरपाल सिंह, बलविंदर सिंह कुंभड़ा और गांव के अन्य लोगों ने मोहाली प्रशासन को अपील करते हुए कहा कि गांव में तनाव का माहौल है और माहौल न खराब करते हुए प्रशासन की डयूटी बनती है कि गुरूद्वारा साहिब से समाध को हटा कर गुरूद्वारा साहिब के निमार्ण कार्य को शुरू करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह तक माहौल ठीक न हुआ और गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी को इंसाफ न मिला तो वह अकाल तख्त के अगले फरमान और गांव वासियों की सहमति से डीसी मोहाली के कार्यालय को घेरने के लिए मजबूर हो जाएंगें।
क्या कहना है पूर्व सरंपच प्रीतम सिंह का ?
मोहाली। पूर्व सरपंच प्रीतम सिंह का कहना है कि गुरूद्वारा साहिब से पहले की समाधि है जबकि गुरूद्वारा साहिब को बने लगभग 35 साल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंाच घरों का एक परिवार है जो माहौल को खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए जाने वाले सभी आरोप बेबुनियाद है वह तो सिर्फ दूसरो लोगों के साथ खड़े हैं क्योकि वह गांव के पूर्व सरपंच रह चुके हैं।