कोरोना महामारी के खतरों के बावजूद, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के सभी इंजीनियरिंग डोमेन के हजारों विद्यार्थियों और फैकल्टी मेंबर्स ने नेशनल इंजीनियर दिवस -2020 मनाया। यह ऑनलाइन समारोह देश के सबसे इनोवेटिव इंजीनियर- भारत रत्न मोक्षगुंदम विश्वेश्वरैया को सच्ची समर्पित श्रद्धांजलि थी।लाइव सत्र का थीम "न्यू एज इनोवेटर्स" था, जहां पैनल चर्चा, ओपन हाउस सवाल-जवाब और इन्नोवेशंस पर विशेष सम्बोधन आयोजित किया गया। इंडस्ट्री 4.0 इंजीनियरिंग एंड बिजनेस सॉल्यूशंस संबंधित एलपीयू के एक्सपर्ट्स ने इंजीनियरिंग के सभी डोमेन के विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन बातचीत की। विद्यार्थियों को आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, आई ओ टी, मशीन लर्निंग आदि का नवीन रूप से उपयोग करके "प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजी" के लिए काम करने के लिए कहा गया।पैनल चर्चा के दौरान, एलपीयू में टेक्नोलॉजी और साइंसेज फैकल्टी के कार्यकारी डीन, डॉ लोवी राज गुप्ता और डॉ रीना, डॉ चंदर मोहन, प्रो मनदीप सिंह, इनोवेटिव विद्यार्थियों प्रबिन कुमार दास, विश्व ज्योति ने इनोवेशन पर विस्तृत चर्चा की। सभी इस बात को स्वीकार करने में एकमत थे कि "आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है", और इस महत्वपूर्ण कोरोना अवधि में अत्यावश्यकता ही इनोवेशन को बढ़ा रही है। कोरोना ने बेशक इन्नोवेटर्स को शारीरिक रूप से अलग कर दिया है, लेकिन सभी अपने विशेष विचारों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं। विचार-विमर्श और विचारों को सार्थक सामाजिक समाधान में बदलने के लिए चर्चाओं में सभी प्रतिभागियों को एक साथ आने के लिए आमंत्रित किया गया। रिसर्च उन्मुख विद्यार्थियों ने भी अपने इनोवेटिव हर्बल मास्क, स्मार्ट डस्टबिन आदि के बारे में बत।या ।वास्तव में, किसी देश के विकास में इंजीनियरों का योगदान सदा ही प्रवाहित होता रहता है और इनोवेशन विशेष आयु वर्ग तक सीमित नहीं रहती है। एलपीयू में उभरते इंजीनियर इसी तरह के हैं, और असाधारण कार्यों को पूरा करके लगातार ऊंचाइयों पर बढ़ रहे हैं। हैकथॉन में कोडिंग से लेकर शानदार रेसिंग वाहनों को डिजाइन करने और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने तक, एलपीयू में इंजीनियरिंग के विद्यार्थी निरंतर असाधारण यात्रा की ओर अग्रसर हैं। निस्संदेह, एलपीयू को भारत के सबसे प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी-संचालित और भविष्य के इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक माना जा रहा है।