निःस्वार्थ भाव से पीड़ित मानवता की गई सेवा ही अपने आप में सच्ची सेवा है तथा हमें अपने जीवन में मानवता की सेवा में बढ़चढ़कर आगे आना चाहिए। यह विचार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने टांड़ा मेडीकल कॉलेज के सभागार में कांगड़ा सेवियर्स संस्था की स्थापना की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित रक्तदाता सम्मान समारोह के अवसर पर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि देशभर में सरकारी चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त कई स्वयंसेवी संस्थाएं समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैला कर इस पुनीत कार्य से जोड़ने का प्रयास कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है जिसमें रक्त देने तथा लेने वाले को एक दूसरे को परिचय नहीं होता है परन्तु उसके द्वारा किए गए रक्तदान से जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रही कई मूल्यवान जिन्दगियों को नया जीवन मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता के परिणाम तभी सही मायनों में सार्थक होंगे, जब हम स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए स्वयं आगे आएंगे और अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करेंगे।परमार ने कहा कि आदमी के जीवन में पद कोई विशेष स्थान नहीं रखता है तथा समाज में उसकी कार्यपद्वति ही उसकी असली पहचान से जानी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक कार्य को एक बार आगे बढ़ाने की जरूरत होती है तथा लोगों का कारवां स्वयं जुड़ने शुरू हो जाता है, वशर्ते कि उसमें हमारा अपना निजी स्ःवार्थ निहित न हो। उन्होंने कहा कि पुण्य कार्य करने के कारण लोगों की दुआओें से परमात्मा की तरफ से भी हमें पूरा सहयोग और आर्शीवाद मिलता है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत से शेष बचे परिवारों को पांच लाख रूपये तक की स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जो हिम केयर योजना आरंभ की गई है, उसके पंजीकरण प्रक्रिया की तिथि 5 जुलाई, 2019 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र व्यक्ति अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनमानस को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के प्रति कृतसंकल्प है तथा गरीब व्यक्ति को केंद्र बिंदु मानकर ही योजनाओं एवं कार्यक्रमों का निर्धारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों से स्वयं तथा अपने रिश्तेदारों को भी ऐसी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी नेक कमाई से कुछ हिस्सा समाज भलाई के कार्यों में भी समर्पित करना चाहिए ताकि हम जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें।उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सदस्यों की कड़ी मेहनत और लग्न तथा समर्पण की भावना से कार्य करने के कारण ही अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में रक्तदान जैसे महाने कार्य के अतिरिक्त कई सामाजिक कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा नए आयाम स्थापित किये हैं।इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने परिसर में सेवियर्स संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में जाकर रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका हौंसला बढ़ाया तथा इस पुनीत कार्य में भाग लेने के लिए उनका धन्यवाद किया।स्वास्थ्य मंत्री ने संस्था की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ओर से 50 हजार रूपये देने की भी घोषणा की।इस मौके पर मुख्यातिथि द्वारा हिमाचल सहित सीमांत राज्य पजांब की कई ब्लड़ डोनर संस्थाओं, रक्तदाताओं तथा कार्यकत्ताओं को उनके द्वारा दिए गये उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर नगरोटा बगवां के विधायक अरूण मैहरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में यहां पर नशा माफिया को पांव पसारने न देने के लिए कटिबद्व है तथा सरकार की नशे को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आहवान करते हुए उनसे रक्तदान व अन्य सामाजिक कार्यों में विशेष रूप सक जुड़ने का आग्रह किया।इससे पहले, कांगड़ा सेवियर्स संस्था के अध्यक्ष विरेन्द्र चौधरी ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा संस्था द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश ड़ाला।इस मौके पर पूर्व विधायक संजय चौधरी, उपायुक्त राकेश प्रजापति, पालमपुर सेवियर्स की मुख्य सरंक्षक व स्वास्थ्य मंत्री की धर्मपत्नी शर्मिला परमार, टांडा मेडीकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ भानु अवस्थी, एमएस डॉ दिप्ति शर्मा, सयुंक्त निदेशक कुलबीर राणा, सीएमओ डॉ गुरदर्शन गुप्ता, पालमपुर भाजपा ज़िला अध्यक्ष विनय शर्मा, विभिन्न ब्लड़ डोनर संस्थाओं के पदाधिकारी तथा रक्तदाता व गणमान्य लोग उपस्थित थे।